CAA के विरोध में हिंसक हुए प्रदर्शनों के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सिमी

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भारत सरकार द्वारा बनाये गए नागरिकता सुधार क़ानून के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हुए, लेकिन उत्तर प्रदेश तथा उत्तर पूर्वी राज्य असम में विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था| मामले की रोकथाम के लिए की गयी गिरफ्तारीयों से स्पष्ट हुआ है कि इन दोनों राज्यों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में असम के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)का हाथ था|

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के चीफ की गिरफ़्तारी से हुआ मामला साफ़

CAA विरोधी प्रदर्शनों के लिए असम में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) के चीफ अमिनुल हक एवं प्रेस सचिव मुजीम हक की गिरफ्तारी हुई थी| बाद में उत्‍तर प्रदेश में भी इसी संगठन के प्रमुख वसीम की गिरफ्तारी से इन प्रदर्शनों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की सक्रियता साफ़ हो गयी।

वसीम को शामली जिले से गिरफ्तार किया है, साथ ही पुलिस ने 16 अन्‍य लोगों को भी गिरफ्तार किया है जिनमें संगठन के कोषाध्‍यक्ष अश्‍फाक और दो सदस्‍य नदीम और मोहम्‍मद शादाब प्रमुख हैं| वसीम को पश्चिमी यूपी में हुए हिंसक प्रदर्शन का मास्‍टरमाइंड माना जा रहा है|

उत्तर प्रदेश में पीएफआई के साथ ही हिंसक विरोध में सिमी का भी हाथ – दिनेश शर्मा

उप मुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा के मुताबिक नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में पीएफआई के अलावा प्रतिबंधित संगठन सिमी (Students Islamic Movement of India/SIMI) का भी हाथ है। पुलिस ने गिरफ्तारी की जगह से संगठन से जुड़े झंडे, पर्चे, बैनर, साहित्‍य, अखबार की खबरों की कटिंग और सीएए के विरोध से जुड़े पोस्‍टर भी बरामद किए हैं।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार लोगों ने स्वीकार किया कि 19 दिसंबर को सीएए का विरोध करने की रणनीति बनाई गयी थी। इसका प्रचार सोशल मीडिया से भी किया गया था। पुलिस के मुताबिक इनका लिंक यूपी के कई जिलों में फैली हिंसा से हो सकता है।

असम में गीते हिंसक प्रदर्शन के पीछे पीएफआई

उल्लेखनीय है कि इनसे पहले असम में गिरफ्तार मुजीम और अमिनुल को हिंसक प्रदर्शनों की साजिश रचने और दिसपुर सचिवालय पर हुए हमले के आरोप में हाथीगांव से गिरफ्तार किया गया था। असम के वित्‍त मंत्री ने भी हिंसक प्रदर्शनों में इस तरह के प्रतिबंधित संगठनों का हाथ होने का शक जाहिर किया है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक असम में अब तक 329 और उत्तर प्रदेश में करीब 925 लोग गिरफ्तार हुए हैं|


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