आतंकी त्रासदी का स्थाई समाधान स्वामी विवेकानंद के संदेश में ही है – पीएम मोदी

अफगान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद जिस तरह से दुनिया का माहौल बदला है उसको देखते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर 11 सितंबर के दिन आज से ठीक 20 साल पहले अमेरिका हमले को याद करते हुए विश्व को आतंकवाद को लेकर सजग किया। इस दौरान उन्होने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का उल्लेख किया। इसके अलावा पीएम मोदी ने 9/11 के आतंकी हमले का जिक्र करते हुए इसे मानवता पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि इस तारीख ने हमें काफी कुछ सिखाया है।

आज की तारीख को मानवता पर हमले के लिए जाना जाता है

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘आज 11 सितंबर यानी 9/11 है। दुनिया के इतिहास की एक ऐसी तारीख जिसे मानवता पर हमले के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी तारीख ने पूरे विश्व को काफी कुछ सिखाया भी है। एक सदी पहले ये 11 सितंबर 1893 का ही दिन था जब शिकागो में विश्व धर्म संसद का आयोजन हुआ था जिसमें  स्वामी विवेकानंद ने उस वैश्विक मंच पर खड़े होकर दुनिया को भारत के मानवीय मूल्यों से परिचित कराया था। आज दुनिया ये महसूस कर रही है कि 9/11 जैसी त्रासदियों का स्थायी समाधान, मानवता के इन्हीं मूल्यों से ही होगा।’ यानी की स्वामी विवेकानंद के दिखाये रास्ते से ही दुनिया से आतंक खत्म हो सकता है।

वर्तमान में भी आतंक का साया छाया  

वैसे पीएम मोदी हो या भारत के दूसरे नेता लगातार तालिबान सरकार के सत्ता में आने के बाद दूसरे देशों को ये बताने में लगे हुए है कि तालिबान सरकार के बनने के बाद विश्व में आतंक का साया फिर से छा गया है। खासकर जिस तरह से कुछ देश तालिबान के साथ खड़े हो रहे है उससे ये साफ लगता है कि आज दुनिया आतंक को लेकर दो धड़े में बंट रही है जबकि आंतक को लेकर दुनिया को एक साथ मिलकर निपटना होगा तभी इसका खात्मा दुनिया से हो सकता है। इसके लिये भारत सहित कई देश मिलजुलकर प्रयास में भी लगे है। भारत अपनी कूटनीति के जरिये इस मसले को सुलझाने में लगा है और माना जा रहा है कि भारत की तरफ दुनिया आशा के साथ देख भी रही है कि इस संकट के वक्त भारत विश्व को उबारेगा।

यहां आपको बता दें कि आज ही के दिन यानी 11 सितंबर 2001 में अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था। अलकायदा के आतंकियों ने अमेरिका के ट्विन टॉवर पर हमले कर उसे जमींदोज कर दिया था। 20 साल पहले न्‍यूयॉर्क में हुए उस हमले का असर पूरी दुनिया में महसूस किया गया। 9/11 ने आतंकवाद की परिभाषा बदल दी, कई देशों की किस्‍मत ने अलग मोड़ ले लिया और कुछ ने विदेशी नीति तक बदल डाली। लेकिन आज विश्व का परिदृश्य फिर बदल रहा है ऐसे में आतंक के खिलाफ फिर एकजुट होने का आह्वान भारत दुनिया के सभी देशों से करने में लगा है।

 

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