केंद्र सरकार के फैसले के बाद दिल्ली की अनियमित कॉलोनियों के लोगों ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

people of irregular colonies of Delhi expressed their gratitude to the Prime Minister

दिल्ली के भाजपा सांसदों समेत अनधिकृत कॉलोनियों के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए)  के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर कैबिनेट के उस फैसले के लिए आभार व्यक्त किया जिसके तहत उन्हें मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हुआ है।      

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने की कैबिनेट की मंज़ूरी से मिली राहत के बाद करीब 200 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पीएम मोदी से मुलाकात कर उनका शुक्रिया अदा किया। इन अवसर पर प्रधानमंत्री ने आज़ादी के समय इन अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे शरणार्थियों की पीड़ा भरी कहानियों का भी ज़िक्र किया। पीएम ने मोदी कहा कि सरकार की नीतियों और निर्णयों से न सिर्फ लाखों लोगों की ज़िंदगी को नई राह मिलेगी बल्कि उनके सिर पर मंडराते अनजाने खतरों से निजात भी मिलेगी।

केंद्र सरकार ने दीपावली से पहले दिल्ली की अवैध 1797 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने 40 लाख लोगों को बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें मालिकाना हक देने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले के पीछे सरकार का सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का मंत्र है। उन्होंने कहा कि इन कॉलोनियों को पहले नियमित करने की कोशिश ज़रूर की गई थी लेकिन आधे-अधूरे और बेमन से लेकिन अब उनकी सरकार ने अनिश्चता के इस बादल को टालने का काम किया है।

इस अवसर पर शहरी आवास मंत्री हरदीप पुरी ने लाखों लोगों की ज़िंदगी में खुशियों की नई रोशनी बिखेरने वाले इस ऐतिहासिक फैसले की विस्तृत जानकारी साझा की।

दिल्ली दशकों से बेघरों को सहारा और बसेरा देती आती है। अनधिकृत कॉलोनियां ऐसे लोगों को सिर छुपाने के लिए आसानी से एक अदद छत मुहैया कराती रही हैं। लेकिन अक्सर देखा गया है यहां रहने वालों की ज़िंदगियां सुविधाओं के अभाव की भूलभुलैया में गुम हो जाया करती थी। सरकार के अब इस बड़े फैसले न सिर्फ आशियानों पर छाए अनिश्चितता और खौफ के बादल छटेंगे, बल्कि बेहतर टाउन प्लानिंग का रास्ता भी साफ होगा।

बता दे कि दो नवंबर, 2015 को दिल्ली कैबिनेट ने कॉलोनियों को नियमित करने का एक प्रस्ताव पास किया था। और 12 नवंबर को इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेज दिया गया था। अब बीते दिनों दिवाली के ठीक पहले केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया था। इसके लिए केजरीवाल ने केंद्र सरकार का आभार भी जताया था। केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में सरकारी व निजी जमीन पर बसीं सभी 1797 कॉलोनियां नियमित होंगी। इसके लिए कट ऑफ डेट एक जनवरी 2015 तक की गई है। इससे पहले दिल्ली की पूरी बसावट को मौजूदा प्रक्रिया के तहत नियमित किया जाएगा।

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा के चुनाव अगले वर्ष के शुरू में होने हैं। दिल्ली विधानसभा के पिछले दो-तीन चुनाव में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करना बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में अगले साल चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने इस फैसले के साथ इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को लुभाने की कोशिश की है।


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •