नार्थ ईस्ट के हिस्से भी आज विकास से जगमगा रहा है

नार्थ ईस्ट इंडिया भारत का वो सुंदर इलाका जहां पहुंच कर हमेशा मन यही करता है कि यही बस जाया जाये। लेकिन 7 साल पहले यहां के लोगो से देश के सियासी लोगों ने वादे तो बहुत किये लेकिन उन्हे पूरा नहीं किया जिसके चलते ये इलाका देश के दूसरे इलाकों से काफी पीचे रह गया। हालांकि मोदी सरकार के आने के बाद अब यहां पर भी विकास का सूरज जल चुका है। इसी क्रम में पीएम मोदी ने त्रिपुरा और मणिपुर में कई योजनाओं की आज शुरूआत की।

मणिपुर में अब नहीं होगी पानी की किल्लत

देश का अहम हिस्सा मणिपुर आज विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर पूर्वोत्तर के विकास की अनदेखी करने और क्षेत्र के लोगों के बीच दूरियां बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार की वजह से इस क्षेत्र में उग्रवाद और असुरक्षा की आग नहीं है, बल्कि शांति और विकास की रोशनी है। पीएम मोदी ने  यहां 4800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान पीएम मोदी ने बोला कि पानी की समस्या के मामले में आज मणिपुर का करीब 60 फीसदी हिस्सा नल से जल ले पायेगा और जल्द ही 100 फीसदी लोगों तक जल से नल पहुंच जायेगा।

त्रिपुरा को मिला हाईटेक एयरपोर्ट

पीएम मोदी  ने त्रिपुरा  के अगरतला  में आज महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट के नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग  का उद्घाटन किया। बिल्डिंग के उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने पूरे इंटीग्रेटेड टर्मिनल भवन का गहनता से निरीक्षण किया। लगभग 450 करोड़ की लागत से तैयार हुआ महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट टर्मिनल 30,000 वर्ग मीटर में फैला हुआ है। इतना ही नहीं, नया भवन एडवांस फैसिलिटीज से लैस है और इसमें लेटेस्ट आईटी नेटवर्क-इंटीग्रेटेड सिस्टम का भी सपोर्ट है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक, यह बिल्डिंग 20 चेक-इन काउंटर और चार-यात्री बोर्डिंग ब्रिज से लैस है। पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर लोकल आर्ट फॉर्म्स, उन्नावकोटि पहाड़ियों की पत्थर की मूर्तियां, चबीमुरा रेप्लिका और लोकल बैंबू आर्ट भी देखने को मिलेगा। यही नहीं, इसके अलावा, त्रिपुरा एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल में 10 इमिग्रेशन काउंटर, छह एयरक्राफ्ट पार्किंग बे के लिए एप्रन, पांच कस्टम काउंटर, चार-यात्री बोर्डिंग ब्रिज और यहां तक ​​कि एक हैंगर भी होगा जो इस इलाके में विकास की एक नई गाथा लिखेगी।

पिछले सात सालों में आज विकास हर उन जगह तक पहुंच रहा है जहां पहले विकास का वा भी नही पहुंच पाता था। जिन इलाको का ध्यान नहीं दिया जाता था आज वहां विकास का एक अलग माहौल बना है जो ये बता रहा है कि विकास के अलावा इस सरकार का कोई भी एजेंडा नहीं है।