बांग्लादेश के सरहद से लगे स्तंभों से मिटा दिया गया पाकिस्तान का नाम

Pakistan's name erased from Bangladesh border

बांग्लादेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सीमा पर लगे पिलरों यानी खंभों में लिखे पाकिस्तान के नाम को मिटा दिया है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के निर्देश पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने 1947 में विभाजन के बाद स्थापित किए गए सभी सीमा स्तंभों से पाकिस्तान का नाम मिटा दिया है। जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर दुनिया के हर मंच पर मुंह की खाने के बाद अब पाकिस्तान को पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी झटका लगा है।

Bangladeshi border pillars have been renamed BANGLADESH/BD

मालूम हो कि 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद बांग्लादेश पृथक राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में आया था। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति के 48 साल बाद बांग्लादेश के सभी बॉर्डर पिलर्स पर पाकिस्तान/PAK के स्थान पर बांग्लादेश/BD अंकित कर दिया गया है। BGB ने प्रधान मंत्री हसीना के आदेश के बाद खंभों पर नया लेबल लगाना शुरू कर दिया, जिसमें उन्होंने देखा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के कुछ स्तंभ अभी भी पाकिस्तान का नाम दर्शाते हैं। बीजीबी ने अपने स्वयं के धन के साथ थोड़े समय के भीतर इस विशाल कार्य को पूरा किया।

बता दे की, भारत-पाकिस्तान के अलग होने के बाद, 8,000 से अधिक सीमा स्तंभों को Ind / Pak-India-Pakistan शब्दों के साथ स्थापित किया गया था।

खंभों को सतखिरा, जेसोर, चुडांगा, कुश्तिया, राजशाही, चपाइनवाबगंज, नौगांव, ममसिंह, जमालपुर, सुनामगंज, सिलहट, ब्राह्मणबेरिया, कोमिला और चटगांव के सीमावर्ती इलाकों में स्थापित किया गया था।

तीन साल पहले यानी 2016 में भारत सरकार ने सीमा पर लगे खंभों में लिखे नाम को बदलने की कवायद शुरू कर दी थी। गृहमंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क किया और सभी औपचारिकताएं पूरी की। बीते साल बांग्लादेश सरकार के साथ भारत के इस फैसले पर सहमति जताई थी।