बैंकॉक में आज FATF के सामने पाकिस्तान की पेशी, जल्द हो सकता है ब्लैक लिस्ट

Terror funding in Pakistan

आतंकी फंडिंग और मनी लांड्रिंग पर शिकंजा कसने में नाकामी के चलते ब्लैक लिस्ट में शामिल होने के कगार पर खड़े पाकिस्तान ने खुद को बचाने की कवायद शुरू कर दी है| बैंकॉक में आज फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अहम बैठक होने जा रही है, इस बैठक में तय होगा कि पाकिस्तान का नाम ग्रे सूची में रहेगा या इसे ब्लैक लिस्ट में जोड़ा जाएगा |
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक पाकिस्तानी टीम आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था FATF (Financial Action Task Force) के साथ आमने-सामने की बैठक के लिए बैंकॉक के लिए रवाना हो गई है।माना जा रहा है की पाकिस्तानी विशेषज्ञों का 20 सदस्यीय दल FATF को मनाने के लिए बैंकॉक रवाना हुआ है|

20 सदस्यीय टीम का नेतृत्व आर्थिक मामलों के संघीय मंत्री हम्माद अजहर के नेतृत्व में किया जा रहा है और इसमें संघीय जांच एजेंसी, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान, एंटी नारकोटिक्स फोर्स और खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

इस वार्ता का परिणाम 13 सितंबर तक जारी होगा, जो यह तय करेगा कि पाकिस्तान का नाम ‘ग्रे सूची’ में बना रहे या इसे ‘ब्लैक लिस्ट’ में जोड़ा जाए।

आज यानी सोमवार को FATF की क्षेत्रीय इकाई एशिया पेसिफिक ग्रुप APG के सामने बैंकॉक में पाकिस्तान की पेशी होने वाली है। इसमें APG द्वारा बढ़ाई गई सूची में पाकिस्तान का नाम शामिल करने पर बातचीत होगी। बैंकॉक में कल गैर आधिकारिक तौर पर बैठक की शुरुआती बातचीत हुई थी। सोमवार को इस बैठक की आधिकारिक शुरुआत हो रही है।

इस बैठक में Asia Pacific Group पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा। इस बैठक में अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का 20 सदस्यीय दल कल बैंकॉक पहुंच गया था। बैठक के दौरान पाकिस्तान एफएटीएफ के अधिकारियों को बताएगा कि उसने प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर काबू पाने और उनकी संपत्तियों को जब्त करने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

गौरतलब है कि जून में FATF ने कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद के वित्त पोषण पर उसके द्वारा सौंपी गई 25 सू‍त्रीय कार्ययोजना को पूरी करने में नाकाम रहा है। इसके साथ ही FATF ने पाकिस्ताबन को अक्टूयबर तक अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी थी। उसने कहा था कि कार्रवाई के तहत पाकिस्तालन को ब्लैेक लिस्ट भी किया जा सकता है।

ज्ञात होगा की बीतें महीने कैनबरा में आयोजित बैठक में FATF के अधिकारीयों को पाकिस्तान ने एक रिपोर्ट सौपी थी। इस रिपोर्ट में उसने आतंकवाद पर काबू पाने के लिए अपनी 27 सूत्री कार्ययोजना का खाका पेश किया था। रिपोर्ट में प्रतिबंधित संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा धन शोधन और आतंकी संगठनों की फंडिंग के खिलाफ उठाए जाने वाले सुरक्षा उपायों के बारे में उल्लेख किया गया था।

बैंकॉक की बैठक में पाकिस्तान की ओर से पेश की गई रिपोर्ट के मूल्यांकन के बाद FATF यह फैसला करेगा कि पाकिस्तान को निगरानी सूची से काली सूची में डाला जाए या नहीं। इस बैठक में पाकिस्तान को यह बताना होगा कि अब तक उसने आतंकी संगठनों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं।