भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते तोड़कर, आर्थिक तंगी से परेशान पाकिस्तान ने अपने ही पैरों पर मारी कुल्हाड़ी

जैसा की हम सब जानते है बीते 5 अगस्त 2019 को MODI 2.0 की सरकार ने कश्मीर की सबसे बड़ी समस्या को ख़त्म करते हुए घाटी को आर्टिकल 370 से आज़ादी दे दी | सरकार का अचानक से लिया गया ये फैसला जहाँ एक ओर देश की जनता के लिए ख़ुशी का माहौल लेकर आया वहीँ पाकिस्तान के लिए किसी सदमे से कम नहीं था | और सदमे से भरे पाकिस्तान ने अपना गुस्सा ज़ाहिर करने के लिए बीते 10 अगस्त को भारत के साथ सारे कारोबारी रिश्ते तोड़ लिए | पर पाकिस्तान की ये बचकानी हरकत अब उस पर ही भरी पड़ने वाली है |

Pakistan breaks trade relations with India

जी हाँ पाकिस्तान के इस फैसले से ज्यादा नुकसान उसे ही झेलना होगा क्योंकि आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के विदेश व्यापार में पाकिस्तान का हिस्सा एक फीसदी के दसवें हिस्से के बराबर था | वहीँ पाकिस्तान के व्यापार सर्वे के अनुसार वह भारत का 48वां सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है, जबकि भारत उसका छठा सबसे बड़ा इंपोर्टर है |

कैसे है भारत-पाकिस्तान के व्यापारिक आंकड़े ?

ICIRER यानी इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकनॉमिक रिलेशंस के डेटा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2018-19 में अब तक भारतीय कारोबारियों ने पाकिस्तान से करीब 49.5 करोड़ डॉलर का माल मंगाया जबकि पडोसी मुल्क के कारोबारियों ने भारत से करीब 206.7 करोड़ डॉलर का सामान लिया था जिसका मतलब है की दो देशों के बीच करीब 157.2 करोड़ डॉलर का ट्रेड इंबैलेंस बनाया गया था | अगर एक साल पहले के आंकडे पर ध्यान दे तो बीते वित्त वर्ष में पाकिस्तान ने भारत से करीब 192.4 करोड़ डॉलर का माल मंगाया था जबकि पड़ोसी देश से $48.9 करोड़ का सामान भारत में लाया गया था, इस तरह उसके साथ भारत का $143.5 करोड़ का ट्रेड बैलेंस बना था |

कैसा रहा द्विपक्षीय व्यापार ?

ICIRER के आंकड़ों के मुताबिक बीते तीन वित्त वर्षों में पाकिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में बढ़ोतरी दर्ज की गयी | अगर बीते तीन वर्षों के आंकडे देखे तो यह 2016-17 में $2.28 अरब और 2017-18 में $2.41 अरब रहा था जबकि 2015-16 में यह 2.61 अरब डॉलर के साथ पिछले 10 साल में तीसरा सबसे अच्छा साल था | बता दे की दोनों देशों के बीच वित्त वर्ष 2008-09 में द्विपक्षीय व्यापार सबसे कम रहा जो था सिर्फ 1.81 अरब डॉलर का |

और क्या-क्या किया पडोसी देश ने ?

इसी साल फ़रवरी में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ शख्त कदम लेते हुए पाकिस्तान को 1996 में दिया गया सर्वाधिक वरीयता वाला देश का दर्जा वापस ले लिए जिसके बाद से पाकिस्तान से इंपोर्ट होने वाले माल पर 200% की ड्यूटी लगा दी गयी थी | इसके बाद से पाकिस्तान ने भी अफगानिस्तान के साथ हुई ट्रांजिट ट्रीटी के तहत भारत में बने या वहां से आनेवाले सामान पर भी रोक लगा दी |

बदलेगा व्यापार मार्ग ?

Pakistan breaks trade relations with India

व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग 138 वस्तुओं का आयात निर्यात होता है जिसके लिए ज़्यादातर दो मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है पहला अटारी बॉर्डर जिसके जरिए लगभग 50-60 ट्रक रोजाना गुजरा करते थे जबकि दूसरा मुंबई से कराची का समुद्री रास्ता है | पर पाकिस्तान के व्यापारिक रिश्ते तोड़ने के बाद इन दोनों ही रास्तों को बंद कर दिया गया है | पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्ते टूटने के बाद भारत के पास एक समस्या है जो है वाघा अटारी बॉर्डर से आने वाले सूखे मेवे और बादाम की |

त्योहारों का सिलसिला अब भारत में शुरू होने वाला है पर क्योंकि पाकिस्तान के द्वारा अफ़ग़ानिस्तान से भारत आने वाले माल के रास्तों को बंद कर दिया गया है जिसके वजह से त्योहारों के शुरू होने से पहले ही मेवे और बादाम के दामों के बढ़ने की आसार साफ़ नज़र आ रहे है | वैसे तो सूखे मेवों को को हवाई जहाज से मंगाया जा सकता है, लेकिन उससे लागत में खासी बढ़ोतरी होगी |

खैर ये नुकसान पाकिस्तान को होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा कम है | इस समय पाकिस्तान वैसे भी आर्थिक परेशानियों के समन्दर में डूबा हुआ है ऐसे में भारत के साथ व्यापारिक सम्बन्ध तोड़ने के बाद उसे कई और मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है |