पाकिस्तान ने माना – भारत के अथक प्रयासों और कूटनीति से पाकिस्तान का राजनयिक स्तर नीचे गिरा

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Pakistan accepted

भारतीय सरकार के अथक प्रयासों के बदौलत आज दुनिया में पाकिस्तान का वजूद न के बराबर रह गया है | कहने को तो वो अभी भी दुनिया के नक्शा का हिस्सा है पर वास्तविकता में वो बिलकुल अकेला पड़ गया है | और इसका सबूत अभी हाल में ही देखने को मिल गया है | भारतीय सरकार के आर्टिकल 370 ख़त्म करने के फैसले के बाद तिलमिलाए पाकिस्तान ने दुनिया के अन्य देशों को भारत के इस फैसले के खिलाफ करने की अनेक कोशिश की, पर अंत में उसे नाकामी ही हासिल हुई |

बीते वक़्त में ऐसी कई घटनाएं हुई जिसके वजह से पाकिस्तान बिलकुल अकेला और निराश हो गया है और अब पाकिस्तान की जनता अपने देश की हालिया हालात का जिम्मेदार इमरान सरकार को ठहरा रही है | जी हाँ पाकिस्तान से मिली ख़बरों के अनुसार पाकिस्तान के प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इमरान खान को आड़े हाथ लेते हुए दोषी करार दिया है और कहा है सरकार की गलत नीतियों और भारत सरकार की बेहतर कूटनीतिक सफलताओं के चलते पाकिस्तान दुनिया में अकेला पड़ गया है |

बता दे की पाकिस्तान में इमरान सरकार के पुरे एक साल ख़त्म हो चुके है और इस खास मौके पर सरकार की नाकामियों को दर्शाने के लिए विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इमरान सरकार को श्वेत पत्र जारी करते हुए कहा है की, ये बीते साल पाकिस्तान की बर्बादी का एक साल साबित हुआ है | वही दूसरी तरफ इमरान सरकार अपने बीते एक साल के कार्यकाल को तब्दीली का साल बता रहा है |

अपने श्वेत पत्र में विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीके इंसाफ पर कई आरोप लगाया है | उसने कहा है की इमरान की सरकार ने वादा किया था की वो कर्ज के लिए आईएमएफ नहीं जाएगा जबकि वास्तव में इमरान खान आईएमएफ से कर्ज ले चुके है | इतना ही नहीं विपक्षी दल ने मीडिया पर लगाई पाबन्दी पर भी सवाल उठाये है| विपक्षी दल की चेयरमैन बिलावल भुट्टो का कहना है की बीते एक साल में इमरान खान की सरकार ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को बर्बर कर दिया है जिसका नतीजा ये रहा की देश में महंगाई अपनी चरम सीमा तक पहुँच गया है | वहीँ दूसरी तरफ पाकिस्तान का राजनयिक स्तर भी कुछ इस प्रकार से निचे गिर चूका है जिसका नतीजा ये है की इस समय आर्टिकल 370 के खिलाफ भी पाकिस्तान को किसी भी देश का साथ नहीं मिल रहा है और संयुक्त राष्ट्र ने भी इस मुद्दे से किनारा कर लिया है |

अब इसमें तो कोई दोमत नहीं की बीता एक साल पाकिस्तान के बर्बादी का एक साल रहा है | बीते एक साल में पाकिस्तान की आर्थिक हालत बदत्तर हो चुकी है, पूरी दुनिया से बहिष्कार का सामना करना पड़ा है, संयुक्त राष्ट्र से कई बार फटकार खानी पड़ी है, अंतकवाद के मुद्दे पर कई बार फटकार खानी पड़ी है, अमेरिका से मिलने वाली आर्थिक मदद भी कम कर दी गयी है और भी बहुत कुछ | ये सारी घटना पाकिस्तान के पस्त हालत की गवाही दे रहा है |

 


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