भारत से दोस्ती के लिए पाक लगाये गुहार

एक तरफ पाक अपनी नापाक हरकत करके कश्मीर में आतंक को फैलाने के काम में लगा है, दूसरी तरफ चीन के साथ खड़ा होकर भारत को आंख दिखाने की बात करता है। लेकिन असल में पाक भारत से किस तरह डरा हुआ है ये बात अब सबके सामने खुलकर आ गई है। क्योकि पाकिस्तान ने भारत संग टेंशन कम कराने के लिए अमेरिका से अपील की है।

अमेरिका से पाक की गुहार, भारत संग कम करा दो टेंशन

दुनिया में हर तरफ से दुत्कारे जाने के बाद अब पाकिस्तान के पीएम इमरान को समझ में आ गया है, कि वो मोदी जी का मुकाबला नही कर सकते। इसीलिये अब पाकिस्तान ने भारत के सबसे अच्छे दोस्त अमेरिका से सुलह करवानी की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के विदेश सचिव शोहेल महमूद ने अमेरिका के राजनीतिक मामलों के अवर सचिव डेविड हेले से वर्चुअल बातचीत के दौरान कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए भी मदद मांगी। शोहेल महमूद ने अमेरिका से कहा, ”तनाव बढ़ने से रोकने और जम्मू-कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कदम उठाना अनिवार्य है।” आए दिन सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने वाले पाकिस्तान ने यह भी कहा कि कश्मीर में भारत की सैन्य घेरेबंदी और पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक तेवर शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। हालांकि, भारत पहले ही दो टूक कह चुका है कि किसी भी द्विपक्षीय मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान से बातचीत तब तक नहीं की जाएगी जब तक वह आतंकवाद को अपना समर्थन और संरक्षण बंद नहीं करता है।

इमरान ने माना दुनिया है मोदी के साथ

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से बेवजह चिढ़ा पाकिस्तान दर-दर भटक रहा है। कश्मीर पर समर्थन नहीं मिलने की वजह से ही उसका सऊदी अरब से भी रिश्ता खराब हो गया है। पाकिस्तान के साथ भारत की सीमा विवाद सहित अन्य मुद्दों पर भी बातचीत लंबे समय से बंद है। भारत इस नीति पर अडिग है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत फिर तभी शुरू होगी, जब वह पूरी तरह आतंकवादी गतिविधियों को रोक देगा। बातचीत और आतंकवाद दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। तो खुद इमरान ने भी एक समारोह में ये खुलकर माना है कि आज भारत के पीएम मोदी की दुनिया में एक अलग स्थान है और वो जो कहते है, दुनिया उनके साथ चल देती है। यही वजह है, कि पाक दुनिया में अलग थलग पड़ गया है। यानी इमरान ये मानकर चल रहे है, कि मोदी सरकार के होते उनकी दाल गलने वाली नही बल्कि मोदी के कड़े रूख का ही असर है, कि आज पाक में हालत बद से बदत्तर हो गई है। कोरोना जहां लोगो के लिए काल बन रहा है, तो मंहगाई का आलम ये है कि लोग वहां दो वक्त की कमाई भी नही कर पा रहे है। इसके साथ साथ पाकिस्तान कर्ज में इतना डूब चुका है, कि उसकी कमर ही टूट चुकी है। ऐसे में वो अब समझ रहा है, कि अगर भारत से संबध ठीक नही हुए तो और बुरा दौर शुरू हो जायेगा।

बरहाल पाकिस्तान अमन के लिए सात संमदर तक गुहार बेकार लगा रहा है, क्योकि पीएम मोदी पहले ही बोल चुके है कि पाक को पहले आतंक का रास्ता छोड़कर दिखाना होगा, अगर वो ऐसा कर ले तो बात संभव है।