बेशर्म पाकिस्तान ने साल 2019 में 3200 बार किया संघर्षविराम का उल्लंघन

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भारत के खिलाफ अपने घटते प्रभुत्व और पूरी दुनिया में आतंकवाद के सरपरस्त के रूप में प्रसिद्ध हो चुके पाकिस्तान ने साल 2019 में अब तक नियंत्रण रेखा पर 3200 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है| साल 2003 में दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम समझौते के बाद एक साल में संघर्षविराम उल्लंघन की यह सबसे बड़ी संख्या है।

धारा 370 हटने के बाद 1600 बार संघर्षविराम उल्लंघन की घटना

मोदी सरकार द्वारा इस साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य दर्जे को खत्म करते हुए इसे 2 केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के ऐतिहासिक फैसले के बाद संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएँ और बढ़ गयी है| अगस्त से लेकर अब तक पाकिस्तान की सेना ने 1,600 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है| पिछले पांच महीनों में हुए संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएँ सिलसिलेवार इस प्रकार है:

  • अगस्त – 307,
  • सितंबर – 292,
  • अक्टूबर – 351,
  • नवंबर – 304

दिसंबर के महीने में आश्चर्यजनक तरीके से शुरुआती दिनों में ही यह आंकड़ा 300 पार कर गया था| सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, “पाकिस्तानी सेना और आईएसआई पहाड़ों पर बर्फबारी से पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए बेचैन थीं। फायरिंग की आड़ में आतंकी घुसपैठ या बॉर्डर ऐक्शन टीम (BAT) की कायराना कार्रवाइयों को अंजाम दिलाने की कोशिशें हुईं, जिसे भारतीय सुरक्षाबलों ने अपनी त्वरित कारर्वाई से नाकाम कर दिया। हालांकि, अब घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई है लेकिन संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं।“

उल्लेखनीय है कि इस साल संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाओं में भारतीय सेना के 41 जवान शहीद हुए हैं, वहीँ दूसरी तरफ ऐंटी-टेरर ऑपरेशन में अब तक 158 आतंकी मारे जा चुके हैं| भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना को जवाबी कारर्वाई की खुली छुट दे रखी है, और भारतीय सेना पाकिस्तान की तरफ से होने वाली हर कायराना संघर्षविराम उल्लंघन की घटना का “जैसे को तैसा” के तर्ज पर जवाब दे रही है| सेना ने कहा है कि हमारे हर शहीद के बदले हम कम से कम तीन मारेंगे|


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