ऑक्सीजन की आपूर्ति पर न पड़े असर इसके लिये 5 देशों से आयात होगी ऑक्सीजन 

वैसे तो देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में सुधार आया है लेकिन कोरोना के कहर को देखते केंद्र सरकार कोई भी खतरा नही लेना चाहती है। इसीलिये सरकार ने 5 देशों से 5805 टन और ऑक्सीजन आयात करने का फैसला किया है। इसके साथ सरकार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी खरीदने जा रही है

5 देशों को ऑक्सीजन भारत करेगा आयात

देश में कोरोना से छिड़ी जंग में लोगों की जान बचाने के लिये ऑक्सीजन एक प्रमुख हथियार है इसी लिये इसकी कमी देश में ना हो इसके लिये सरकार ने पांच देशों से 5,805 टन ऑक्सीजन आयात करने जा रही है। इसमें से 3,440 टन यूएई से, 1,505 टन कुवैत से, 600 टन फ्रांस से, 200टन सिंगापुर से और 60 टन बहरीन से आयात की जाएगी। इसके साथ पीएम केयर्स फंड से सरकार एक लाख ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने जा रही है। इसके साथ साथ सरकार की माने तो ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चत करने के लिए सरकार 1,619 ऑक्सीजन प्लांट लगाने जा रही है और इसपर आने वाला खर्च पीएम केयर्स फंड से दिया जायेगा। आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने आर्गन और नाइट्रोजन ढोने वाले 408 टैंकर को ऑक्सीजन टैंकर में बदल दिया है। अब तक 101 टैंकर आयात किए गए हैं, जबकि 150 और टैंकर आने वाले हैं। इसके साथ ही देश भर में टैंकर पहुंचाने के लिए 500 चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है।

राज्यों को भेजे गए 9,200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

वही विदेशी मदद के रूप में मिली सामग्री से 9,200 कंसंट्रेटर, 5,243 ऑक्सीजन सिलेंडर और 19 ऑक्सीजन प्लांट राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए। जो सामग्री मिली वह ज्यादातर यूएई, इजरायल, अमेरिका और नीदरलैंड्स से आई है। भारतीय नौसेना के दो पोत मंगलवार को कुवैत से आक्सीजन लेकर कर्नाटक के न्यू मंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गए। नौसेना ने बताया कि समुद्र सेतु द्वितीय अभियान के तहत दो पोत आइएनएस तबर और आइएनएस कोच्चि कुवैत से 100 टन ऑक्सीजन और 1,200 सिलेंडर लेकर भारत पहुंच गए। सरकार की माने तो ये सब महज मंगलवार के दुन आई मदद को तुरंत बिना किसी देरी के पहुंचाया गया है। जबकि इससे पहले जो मदद भारत विदेश से पहुंची थी उसे भी तुंरत कोरोना से निपटने के लिये राज्यो को सौप दिया गया है जिससे देश कोरोना की इस लहर को थाम सके।

वैसे सरकारी ऑकड़ो पर नजर डाले तो पिछले एक दो दिन से कोरोना के मरीजों का ग्राफ देश में गिरा है। लेकिन इसे पूरी तरह से खत्म करके ही हमें दम लेना होगा इसीलिये बिना कोताही के कोरोना पर लगातार वार करते रहना होगा जिसके लिए मेडिकल सामान कम न पड़े। इस पर नजर केंद्र सरकार बनाये हुए है और आगे से आगे सामान को आयात कर रही है जिससे ये जंग जीती जा सके।