आंदोलनजीवी फर्जी किसानों के चलते देरी से पहुंच रहे ऑक्सीजन के टैंकर

एक तरफ दिल्ली के सीएम और डिप्टी सीएम केंद्र सरकार से गुहार लगा रहे थे कि दिल्ली को जल्द से जल्द ऑक्सीजन दी जाये। तो दूसरी तरफ ऑक्सीजन के टैंकर को वही लोग रोके हुए थे जिनके समर्थन में केजरीवाल और उनकी टीम पानी, बिजली सहित दूसरी जरूरते पूरा कर रही थी। लेकिन दिल्लीवालों की जान पर जब बन आया तो यही लोग ऑक्सीजन के वाहन रोककर अपना विरोध दर्ज कर रहे थे इससे इनकी मानवता के प्रति संवेदनशीलता का पता चलता है। 

 

आंदोलन के चलते फंसे ऑक्सीजन टैंकर

दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन की ओर से ऑक्सीजन टैंकरों को रास्ता नहीं मिलता जिससे यहां तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। गैस सप्लायर्स  किसान आंदोलन के चलते दो से तीन घंटे का समय बर्बाद होने का दावा कर रहे हैं। ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियों ने इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। पत्र में कंपनियों ने कहा कि अगर रास्ता खुला मिले तो कम समय में दिल्ली में ऑक्सीजन से भरे टैंकर पहुंच जाएंगे।  जानकारो की माने तो मुताबिक दिल्ली स्थित बालाजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी, आनन-फानन में उत्तर प्रदेश के प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। सोमवार की रात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दो ऑक्सीजन टैंकरों जिसमें 19,500 लीटर तरल ऑक्सीजन को पश्चिम  विहार स्थित बालाजी अस्पताल में पहुंचाया।हालाकि इस दौरान टैंकर चालक ने बताया कि किसान आंदोलन के चलते लगे जाम में फंसे होने के चलते उसे आने में वक्त लगा।

ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो गई है, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार से मदद की मांग की थी। लेकिन दिल्ली और आसपास में चल रहे किसान आंदोलनों की वजह से गैस ऑपूर्ति करने में परेशानी हो रही है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर किसान आंदोलन को समर्थन करने का आरोप लग रहा है। इनबॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा कि पानीपत स्थित ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है, लेकिन दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के कारण टैंकरों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। कंपनी ने सरकार से यहां पर ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग की है। ऐसा ही एक नजारा आज कुंडली बार्डर में भी देखने को मिला जब किसान आदंलोन के चलते रास्ते में फंसे टैंकर को पुलिस  द्वारा रोहणी के जयपुर गोल्डन अस्पताल पहुंचाया गया। ऐसे में अब ग्रीन कॉरिडोर बनाने की मांग तेजी से उठने लगी है।

लेकिन हां ये बात बिलकुल सही साबित हो गई है कि सांप को कितना भी दूध पिला दो वो काटेगा ही, शायद यही बात आज केजरीवाल सोच रहे होगे जो आंदोलजीवी फर्जी किसान की मदद करके अपने लोगों के लिए परेशानी खड़ा कर रहे थे आज खुद उसी परेशानी के शिकार हो रहे है। इसीलिये बोला जाता है कि जो दूसरो के लिये गड्ढा खोदते है वो खुद ही एक दिन उस गड्ढे में गिर जाते है।  ऐसे में भला हो दिल्ली पुलिस का जो जाम से मुक्त करवाकर दिल्लीवालों की जान बचाने में लगी हुई है।