हमारा देश राज सिंहासनों की बपौती नहीं: मोदी

देश को तेजी से आगे अगर ले जाना है तो वहां के प्रशासन में सुस्त नहीं होना चाहिये। जितना एटिव प्रशासनिक अधिकारी होगा उतनी तेजी से देस आगे दौड़ेगा और ये बात पीएम मोदी अच्छी तरह से जानते है तभी तो वो कोई भी ऐसा मौका नहीं छोड़ते जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों से बात करते वक्त वो उनमे जोश और नई ऊर्जा का संचार ना करें। इसी बाबत पीएम मोदी ने आज सिवल सर्विस डे पर अपने अधिकारियों के बीच गजब का जोश भरा।

देश की एकता और अखंडता बरकरार रखना पहला काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल सेवा दिवस पर नेशन फर्स्ट की बात दोहराई है। उन्होंने इस दौरान देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे हर काम में कसौटी एक होनी चाहिए। इंडिया फर्स्ट, नेशन फर्स्ट मेरा राष्ट्र सर्वोपरि। उन्होंने कहा है कि हमारा देश राज्य व्यवस्थाओं से नहीं बना है। हमारा देश राज सिंहासन की बपौती नहीं रहा है ना ही राज सिंहासन से यह देश बना है।प्रशासन की जो व्यवस्थाएं हैं उसके केंद्र में देश की एकता को मजबूत करने के मंत्र को हमें आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम देश की अखंडता और एकता से कोई समझौता नहीं कर सकते। हम नियमों और कानूनों के बंधन में ऐसे जकड़ जाते हैं। कहीं ऐसा करके जो सामने नया युवा पीढ़ी तैयार हुआ है कि हम उसके साहस को, उसके सामर्थ्य को हमारे इन नियमों के जंजाल उसे जकड़ तो नहीं रही है ना? उसके सामर्थ्य को प्रभावित तो नहीं कर रही है ना? अगर यह कर रही है तो मैं शायद समय के साथ चलने का सामर्थ्य खो चुका हूं और आज की स्थिति में हमें इससे बाहर निकलना होगा।

तेजी से बदलते विश्व में पल पल के हिसाब से चलना पड़ेगा

पीएम ने कहा कि हम पिछली शताब्दी की सोच और नीति नियमों से अगली शताब्दी की मजबूती का संकल्प नहीं कर सकते। इसलिए हमारी व्यवस्थाओं, नियमों में, परंपराओं में पहले शायद बदलाव लाने में 30-40 साल चले जाते होंगे, तो चलता होगा। लेकिन तेज गति से बदलते हुए विश्व में हमें पल पल के हिसाब से चलना पड़ेगा।आजादी के अमृत काल, 75 साल की इस यात्रा में भारत को आगे बढ़ाने में सरदार पटेल का सिविल सर्विस का जो तोहफा है। इसके जो ध्वजवाहक लोग रहे हैं, उन्होंने इस देश की प्रगति में कुछ न कुछ योगदान दिया ही है। उन सबका स्मरण करना, उनका सम्मान करना, ये भी आजादी के अमृत काल में सिविल सर्विस को ऑनर करने वाला विषय बन जाएगा।

इसके साथ साथ पीएम ने अधिकारियों से बोला कि हर दिन कुछ नया करने की चाह के साथ जीना सीखिये देखिये आपके जीवन से उदासीनता खत्म हो जायेगी। एक पीएम का कर्तव्य होता है कि वो देश में कभी निराशा का माहौल ना बनने दें और पीएम मोदी ऐसा ही कर रहे है फिर वो उनके अधिकारी हो या देश की जनता हर दिन पीएम देश में एक नये विश्वास के साथ जोश भरते है कि भारत अपनी एकता के दम पर विश्व में आगे बढ़ता जायेगा और भारत बढ़ता भी जा रहा है।