‘ऑपरेशन गंगा’ को बदनाम करने में विपक्ष के हाथ रहे खाली

कोरोनाकाल हो या फिर किसान आंदोलन और अब युक्रेन में फंसे छात्रों का मुद्दा हर आपदा के वक्त देश का विपक्ष सरकार के खिलाफ मुद्दा तलाश करता है या फिर मुद्दा बनाने के लिए साजिश रचना है। कुछ ऐसा ही तमिलनाडु में तब देखा गया जब वहां के सीएम यूक्रेन से आये छात्रो से मिले और छात्रों ने जमकर ऑपरेशन गंगा की तारीफ की जिसके बाद एक बार फिर विपक्ष के हाथ कोई मुद्दा नहीं लगा।

तमिलनाडु के छात्रों ने सीएम के सामने जमकर ऑपरेशन गंगा का किया गुणगान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने यूक्रेन से लौटे छात्रों से बात की। छात्रों ने बताया कि भारत सरकार ने सारी व्यवस्था की थी। उन्होंने मेडिकल के छात्रों से पूछा कि यूक्रेन में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। छात्रों ने सीएम को आपबीती सुनाई। इस दौरान छात्र भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा  की तारीफ करते नजर आए। स्टालिन ने पूछा कि आपलोगों ने कितने दिन कष्ट सहा। सामने बैठे छात्रों ने जवाब दिया कि दो दिन हमने कष्ट सहा। सीमा पार करने तक ही कुछ समस्याएं थी। इसके बाद भारत सरकार ने पूरी स्थिति को अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद स्टालिन ने पूछा कि आपलोगों के लिए खाने की क्या व्यवस्था थी? छात्रों ने कहा कि खाने-पीने की पूरी व्यवस्था थी। जबसे हमने बॉर्डर पार किया भारत सरकार ने हमारी पूरी देखभाल की। अगर वो हमारी देखभाल नहीं करते तो हमलोगों को बहुत समस्या हो जाती। अपने नागरिकों को निकालने के लिए भारत ने जितनी तेजी से अभियान चलाया किसी और देश ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद सीएम सिर्फ मुस्कुराते रहे।

पहले भी विपक्ष ने रची थी ऐसी ही साजिश

ठीक कोरोना काल के वक्त भी कुछ इसी तरह की साजिश विपक्ष रच रहा थाऔर मोदी सरकार को बदनाम करने में लगा था। मसलन जैसे यूपी में प्रयागराज में लाशों पर अफवाह फैलाई गई। तो लोगों के लिये पहले खुद की सरकारों ने ठीक से इलाज की व्यवस्था नहीं की फिर मोदी सरकार को इशके लिये दोषी ठहराया गया। वैक्सीनेशन के वक्त बी कुछ ऐसा माहौल देखा गया। हालांकि देश की जनता ने कभी भी मोदी सरकार का साथ नहीं छोड़ा और हमेसा विपक्ष की साजिशों की पोल खोलती हुई दिखाई थी। इसका एक सबूत किसान आंदोलन भी है जब जनता ने कई बार इस आंदोलन को फेक करार दिया और किसान हो या जनता का कभी इसका समर्थन नाहीं मिला बस राजनैतिक पार्टियां ही भ्रम फैलाकर सियासत करते हुए दिखाई दिये।

वो कहते है ना झूठ कितना भी फैला दो लेकिन सत्य झुपता नहीं और आज इसका उदाहरण खूब देखने को मिल रहा है जब विपक्ष झूठ को सच बनाने के लिये खूब ताकत लगाती है लेकिन सच को खुद जनता सामने आकर विपक्ष को खाली हाथ कर देती है.