वोट के लिए विपक्ष कुछ भी करेगा ! ना-ना करते OBC बिल पर मोदी सरकार के साथ खड़ा दिखा विपक्ष

संसद का मॉनसून सत्र अब समाप्ति की ओर बढ़ चला है लेकिन शुरुआत से ही सदन की कार्यवाही हर दिन हंगामे की भेंट चढ़ जाती है। हालांकि आज संसद का नजारा थोड़ा अलग नजर आया जब OBC आरक्षण बिल पर विपक्ष भी साथ आया। विपक्ष के इस कदम की जानकारी हालांकि पहले से ही थी क्योंकि विपक्ष कतई यह नहीं चाहता कि उसके हंगामे के कारण यह बिल पेश न हो। लेकिन विपक्ष के इस कदम से ये साफ महसूस हो गया कि विपक्ष जो भी काम करने में जुटा है वो सिर्फ वोट के लालच में कर रहा है।

संसद में विपक्ष का ये  हृदय परिवर्तन है या फिर वोट का लालच

पिछले 2-3 हफ्ते से भारत के संसद में सिर्फ हंगामा की हंगामा बरपा दिख रहा था लेकिन आज एकाएक संसद में माहौल बदला हुआ नजर आया जब OBC आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष के सुर भी बदले दिखे और वो ये कहती दिखी की वो सरकार के साथ है। आरक्षण से जुड़े 127 वें संविधान संशोधन बिल सभी ने समर्थन किया जिसके बाद इसे लोकसभा के पटल पर रख दिया गया है। लेकिन विपक्ष का एकदम से रूख क्यों बदल गया। ये उसके चेहरे और सोच के फर्क को दिखाने के लिये प्रमाण हैं विपक्ष अच्छी तरह से जानता है कि अगर इस बिल में हंगामा करते तो देश के बहुत बड़ी आबादी के वोट पर इसका असर ठीक नही जाता बस इसलिये शांति के साथ विपक्ष इस बिल के साथ हो गया और संसद से बाहर आते ही यही विपक्ष इसे पास करवाने का खुद क्रेडिट लेगा और ये बोलेगा कि सत्तापक्ष विपक्ष के दबाव के चलते ही इस बिल को पास किया है। जबकि सरकार लगातार इसे लागू करने की बात करता आया है।

केंद्र ने पेश किया बिल

केंद्र सरकार ने आज OBC आरक्षण से जुड़ा अहम बिल लोकसभा में पेश किया। इस बिल के पास हो जाने के बाद अब राज्यों को अपनी ओबीसी लिस्ट बनाने का अधिकार होगा। 127 वें संविधान संशोधन बिल के जरिए राज्यों को अधिकार होगा कि वो अपने हिसाब से ओबीसी सूची तैयार कर सकें। इस सत्र में यही एक बिल ऐसा है जो सर्व सहमति से पास हुआ है वरना बाकी जितने बिल भी पास किये गये वो सिर्फ हंगामे के बीच पास किये गये। हलांकि विपक्ष इन बिलों पर चर्चा नही होने पर संसद के बाहर हंगामा मचाता रहा लेकिन सदन में चर्चा के वक्त सिर्फ हंगामा करता रहा जो ये बताता है कि विपक्ष ने कैसे जनता के टैक्स के पैसे को बर्बाद किया है।

इन सबके बीच मोदी सरकार ने जो समय भी देशहित में काम आ सके उसका फायदा उठाया और करीब एक दर्जन से ज्यादा बिल पर संसद की मोहर लगवा ली है। मतलब विपक्ष कितना भी रुकावट डालने का काम करे लेकिन मोदी सरकार जनता के काम के लिये जुगाड़ बना ही लेती है। बस इसी खूबी के लिये तो जनता मोदी सरकार के साथ चलता चाहती है।