16 दिनों से संसद में विपक्ष ने नहीं होने दिया कोई काम, कई विधेयक इस सत्र में अटके

संसद में विपक्ष बहस से बच रही है तो दूसरी तरफ सड़क पर सियासी नौटंकी करने में खूब लगी है। एक तरफ देश की जनता की हितैषी दिखने के लिये आंदोलन करके संसद पहुंच रही है लेकिन जैसे ही संसद में उन्हीं मुद्दो पर चर्चा की बात होती है तो हाथ खड़े करके वो भाग खड़ी होती है। हालांकि सड़क से संसद तक सत्ता पक्ष विपक्ष के सवालों का जवाब डंके के चोट पर दे रही है।

लोकतंत्र और नागरिकों का अपमान- मोदी

विपक्ष के लगातार ससंद की कार्यवाही नहीं चलने पर एक बार फिर से पीएम मोदी ने जोरदार हमला बोला है। सांसदों की एक बैठक में पीएम ने विपक्ष के इस रवैये को संसद, संविधान, लोकतंत्र और जनता का अपमान बताया। एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने पेगासस, कोविड प्रबंधन, कृषि कानून समेत कई मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्ष पर निशाना साधा पिछले हफ्ते बीजेपी सांसदों को संबोधित करते हुए भी प्रधानमंत्री ने कहा था कि विपक्षी दल जानबूझकर ऐसा व्यवहार कर रहे हैं ताकि सरकार गतिरोध दूर करने के अपने प्रयासों में सफल ना हो पाए। पीएम ने कहा था कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के इस रवैये की जनता के समक्ष पोल खोलने की आवश्यकता है।

संसद की कार्यवाही में बार-बार रुकावट

मालूम हो कि संसद में विभिन्न मुद्दों पर बार-बार रुकावट देखी जा रही है। संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ था। विपक्षी दलों के लगातार हंगामे की वजह से संसद के कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि विपक्ष के नकारात्मक रुख से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। विपक्षी दल पेगासस जासूसी विवाद और तीन कृषि कानूनों सहित अन्य मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामा कर रहे हैं। 19 जुलाई को जब से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, तब से ही विपक्ष लगातार पेगासस और किसानों के मुद्दों पर लोकसभा और राज्यसभा में निरंतर विरोध कर रहा है। हालांकि इस विरोध के बीच कुछ विधेयकों को पारित कर दिया गया है। लेकिन इसके अलावा सदन कोई भी अन्य महत्वपूर्ण कार्य करने में विफल रहा है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होगा।

मानसून सत्र के महज अब 10 दिन ही बचे हैं ऐसे अगर अभी भी सभी विषयों पर चर्चा हो सकती है, जिससे आमजन का फायदा हो सके तो कई बिल पास करके भी विपक्ष ये दिखा सकता है कि सरकार का विरोध तो वो करते रहेंगे लेकिन जनता का काम नही रोकेंगे पर इसके उलट विपक्ष सिर्फ जनता के हित के कामों को रोकती हुई ही नजर आती है।