ड्रैगन कान खोल कर सुन लो, भारत झूला भी झुलाता है जहन्नुम भी पहुंँचाता है

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विश्व में भारत की बढ़ती ख्याति और कोरोना के चलते लगातार चीन की विश्व में हो रही फ़जीहत के चलते ही चीन भारत से तपा बैठा है जिसके चलते उसने पूर्वी लद्दाख सीमा पर आक्रामक तेवर दिखा रहा है लेकिन इस बार भारत ने भी तय कर लिया है कि अगर चीन ने अपनी चालबाजी दिखाई तो उसको वैसे ही जवाब दिया जायेगा।

चीन को करारा जवाब देने के लिये भारत तैयार

चीन की चाल का हर तरह से जवाब देने के लिये भारत ने भी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिये चीन के खिलाफ कूटनीतिक के साथ ही रणनीतिक प्लान भी तैयार है। जिसके बाद चीन को मकूल जवाब देने के लिये रणनिती तैयार कर ली गई है। भारत ने इस बीच साफ कर दिया है कि चीन की फौज जहां ज्यादा है उस को जवाब देने के लिये फौज वहा बढ़ाई जायेगी। कुटनीति के मोर्चे पर भारत ने NSA चीफ और विदेश मंत्री को निपटने की जिम्मेदारी दी है तो दूसरी तरफ सीमा पर भारत के फौज के बड़े अफसर चीन की चालबाजी से निपटने के लिये तैयार है।

बाज आए चीन

पीएम मोदी संग CDS, NSA और सेना प्रमुखों की मीटिंग का एजेंडा वैसे तो मिलिट्री रिफॉर्म्‍स और भारत की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने पर था। मगर चीन की लद्दाख में हरकत ने मीटिंग का रुख मोड़‍ दिया। सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों ने पीएम मोदी को लद्दाख के ताजा हालात से रूबरू कराया। यह तय हुआ है कि बॉर्डर पर जो डेवलपमेंट के काम चल रहे हैं, वे नहीं रुकेंगे। चीन ने निर्माण रोकने की शर्त रखी है जिसे भारत मानने को तैयार नहीं। भारत ने चीन से साफ कहा है कि वह बॉर्डर पर यथास्थिति बनाए रखे।

हर डेवलपमेंट पर है NSA की नजर

CDS ने तीनों आर्मी के चीफ को साथ लेकर पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। पैंगोंग झील, गलवां घाटी, डेमचोक और दौलब बेग ओल्‍डी में भारत और चीन के सैनिक भिड़े हैं। NSA अजीत डोभाल ने लगातार LAC पर हुए डेवलपमेंट्स पर नजर रखी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्‍तरी सिक्किम और उत्‍तराखंड में बॉर्डर पर पिछले दिनों जो भी हलचल हुई है, डोभाल ने उसके बारे में पीएम मोदी को बताया है।

लद्दाख में भारत ने फौज की संख्या बढ़ाई

भारतीय सेना ने लद्दाख में बॉर्डर से सटे कई सेक्‍टर्स में प्रजेंस बढ़ा दी है ताकि चीन कोई उलटी हरकत ना कर सके। चीन ने LAC पर बड़ी तेजी से कंस्‍ट्रक्‍शन शुरू किया है और टेंट वगैरह गाड़ दिए थे। भारत ने भी पैंगोंग झील और गलवां घाटी में चीन को उसी तरह जवाब दिया है। दौलत बेग ओल्‍डी में सेना की 81 और 114वीं ब्रिगेड तैनात है।

मतलब साफ है कि चीन अच्छी तरह से समझ ले ये मोदी जी है जो अगर प्यार का झूला झुलाकर दोस्ती का नया पैगाम देते है तो जब दुश्मनी करते है तो जहन्नुम पहुंचाकर ही मानते है ऐसे में अब चीन को समझना है कि वो भारत के साथ कैसा संबध बनाना चाहता है.।


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