कश्मीर घाटी में केवल 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की बात कही गृह मंत्रालय ने

kashmir-CRPF
प्रतीकात्मक तस्वीर

श्रीनगर: सरकार ने कहा है कि केवल 10,000 अतिरिक्त सैनिक (100 कंपनियां) सुरक्षा बल जम्मू और कश्मीर में तैनात हैं। सरकार ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है कि घाटी में 25,000 सैनिक और तैनात किए जा रहे हैं। कुछ समय पहले जम्मू-कश्मीर में 25,000 जवान और भेजे जाने की ख़बर सामने आई थी

ज्यादातर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जा रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा बलों की 100 कंपनियों को लाने और ले जाने के लिए वायु सेना के सी -17 ग्लोबमास्टर विमानों की मदद ली जा रही है। सरकार ने शुक्रवार को वायु सेना और सेना को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए श्रीनगर पहुंचे हैं।

सशस्त्र बलों द्वारा शहर के सभी प्रमुख प्रवेश और निकास स्थानों पर नज़र जमाये हुए है। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि खुफिया सूचनाओं के कारण कुछ अलग-थलग पड़े मंदिरों से सुरक्षा वापस ले ली गई है क्योंकि विदेशी आतंकवादी वहां पुलिस गार्ड को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने रोज़मर्रा की जरूरी सामानों की खरीद शुरू कर दी है क्योंकि वे अतिरिक्त बलों की तैनाती को कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका से जोड़ रहे हैं।

डोभाल की यात्रा के बाद 10000 अतिरिक्त जवान भेजे गए थे

मोदी सरकार ने लगभग एक सप्ताह पहले घाटी में लगभग 10,000 अतिरिक्त जवानों को भेजा था। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के जम्मू-कश्मीर यात्रा से लौटने के बाद लिया गया। तब गृह मंत्रालय ने कहा था कि सुरक्षा बलों के जवानों को आतंकवाद विरोधी अभियानों और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तैनात किया जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा- अनुच्छेद 35 ए को हटाने की कोई योजना नहीं

बुधवार को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अनुच्छेद 35A को कश्मीर से हटाने की अटकलों को खारिज कर दिया था। पिछले हफ्ते, फारूक अब्दुल्ला सहित जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने सर्वदलीय बैठक में घाटी की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की थी।