मोदी के एक फैसले ने विश्व को बताया कि भारत खुद अपना भाग्य विधाता है।

रूस के साथ एस 400 मीसाइल खरीदने का करार करके भारत ने ये दिखा दिया है कि वो किसी के दबाव मे आकर अपने हितों को ताक मे नही रखेगा।

अमेरिका के साथ वैसे तो भारत के संबध मधुर बन रहे है लेकिन बीच बीच मे अमेरिका जिस तरह से दोस्ती मे शर्त रखता है उससे चिंता होने लगती है लेकिन मोदी सरकार ने भी अपना रूख साफ कर रखा है कि वो देश हित के आगे किसी के दबाव को बर्दाश्त नही करेगा। तभी तो अमेरिका के लाख विरोध के बाद भी भारत ने रूस के साथ S-400 मिसाइल का करार करके विश्व मे एक संकेत दिये है कि भारत किसी के दबाव मे आनेवाला नही और ये सब हुआ है पीएम मोदी की कुशल नीतियों के चलते।

खुद पीएम मोदी कई बार विश्व के मंच पर कह चुके है कि भारत न आंख नीचे करके बात करता है और न ही आंख दिखाकर बात करता है। वो आंख मे आंख डालकर बात करता है मतलब कि भारत किसी के दबाव मे अपनी नीति नही बनायेगा। इसी कड़ी मे रूस के साथ भारत सरकार के कई औऱ करार हुए है। जिनमे ऊर्जा क्षेत्र मे एक साथ काम करने का भी करार हुआ है। और कयास यही लगाया जा रहा है कि  इस बाबत अमेरिका और भारत के बीच की दोस्ती पर कोई असर नही पड़ेगा।

इसी तरह भारत ने साफ कर दिया है कि वो ईरान के साथ पेट्रोल लेता रहेगा। हालाकि अमेरिका पहले इस बाबत भारत को भी कई बार प्रतिबंध की धमकी दे चुका है लेकिन अब  इसे मोदी सरकार की कूटनीति का ही असर कहेगे कि अमेरिका इन दोनो मुद्दे पर नरम पड गया है।जो मोदी सरकार की एक बड़ी जीत है और इस बाबत मोदी सरकार की कितनी भी तारीफ की जाये वो कम  होगा क्योंकि जिस तरह से पीएम मोदी ने विश्व की दोनो महाशक्ती के बीच मे एक समंजस बैठाया है वो काबिले तारीफ है। साथ साथ भारत ने समूचे जगत को ये भी दिखा दिया है कि भारत भाग्य विधाता है। तो किसी के दबाव मे न कभी आया है और न कभी आने वाला है।