“वन नेशन-वन कार्ड” – मोदी सरकार की अगली महत्वाकांक्षी योजना

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One Nation-One Cardदेश को एक सूत्र में बाँधने की जो पहल मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में किया है, अपने दुसरे कार्यकाल में भी मोदी उस पहल को नयी दिशा देते हुए दिख रहे हैं| दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद मोदी ने पहले तो “वन नेशन, वन इलेक्शन” की पहल की, जिस से देश में चुनाव प्रणाली को एकीकृत किया जा सके और चुनाव में पारदर्शिता को बढ़ावा तथा होने पर खर्च पर लगाम लगे जा सके|

वन नेशन-वन कार्ड

मोदी सरकार की नयी योजना जन वितरण प्रणाली में सुधार करने की है| मौजूदा प्रणाली में देश का एक नागरिक सिर्फ उसी इलाके में एक निश्चित दूकान से ही जन वितरण प्रणाली के तहत राशन ले सकता है, जहाँ से उसका नाम पंजीकृत है| नयी योजना के कार्यान्वित होने के बाद अब कोई भी पंजीकृत व्यक्ति देश के किसी भी कोने से राशन खरीद सकता है|

इस योजना से बहुमुखी लाभ होगा| एक ओर जहाँ जरूरतमंद जनता देश में कहीं भी अपने अधिकार का सरकारी सब्सिडी पर राशन प्राप्त कर सकेगी, वहीँ दूसरी ओर इस से भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगे जा सकेगी| इसका सबसे ज्यादा लाभ प्रवासी मजदूरों को मिलेगा|

त्वरित रूप से लागू होगी योजना – खाद्य मंत्री, रामविलास पासवान

केंदीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने खाद्य सचिवों के साथ बैठक में “वन नेशन-वन कार्ड” योजना को त्वरित रूप से लागू करने का फैसला किया| इसके कार्यान्वयन के लिए खाद्य मंत्रालय सभी राशन कार्ड धारकों का एक केंद्रीय डेटाबेस तैयार करेगी और उसमें से डुप्लीकेट एंट्रीज़ को हटाकर सिर्फ एक कार्ड जारी किया जायेगा| खाद्य मंत्रालय इस रियल टाइम ऑनलाइन डेटाबेस के जरिये ही खाद्य आपूर्ति करेगी|

उल्लेखनीय है की देश के कुछ राज्यों में जैसे आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा, में IMPDS (इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ़ पीडीएस) सिस्टम पहले से कार्यरत है| इन राज्यों में पीडीएस उपभोक्ता अपना राशन किसी भी जिले में प्राप्त कर सकते हैं| अब इसे देशव्यापी करने की योजना है|

 


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