विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर, देश के युवाओं को पीएम मोदी का मंत्र

पीएम मोदी वो नाम हैं जो हर वक्त देश को नकरात्मक माहौल से बाहर निकालते रहते हैं और जो हर वक्त देश के 137 करोड़ भारतीयों में जोश और ऊर्जा का संवाहन करते रहते हैं। इसकी एक बानगी आज फिर से उस वक्त मिली जब विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर युवाओं को कौशल बढ़ाने का मंत्र दिया।

कोरोना काल में World- Culture के साथ ही Nature of Job को भी बदल दिया

विश्व कौशल दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने युवाओं में जोश भरते हुए साफ कहा कि इस काल में स्किल और ज्ञान से ही दिक्कतों को हराया जा सकता है, हां ये जरूर है कि कोरोना के इस संकट ने विश्व संस्कृति के साथ ही जॉब की प्रकृति को भी बदलकर के रख दिया है। बदलती हुई नित्य नूतन तकनीक ने भी उस पर प्रभाव पैदा किया है। लेकिन ये नही भूलना चाहिए कि इस वक्त स्किल ही हर युवा का सबसे बड़ा हथियार होगा जिससे कोरोना को हराया जा सकता है। इतना ही नही पीएम देश के लोगो को अवाहन भी किया कि सीखने की कोई उम्र नही होती इसलिये अपनी स्किल को बढ़ाने के लिए सीखना चाहिये इसको लेकर उन्होंने एक किस्सा भी सुनाया जिसमे उन्होंने बताया कि साइकल कैसे चलती है इसका ज्ञान तो आप किताबों से ले सकते हैं लेकिन जब आप इसे चलाने उतरेंगे और चलाना शुरू करेंगे तो आप खुद के स्किल से ही ये काम कर सकेंगे।  ऐसे में स्किल और ज्ञान दोनो ही जरूरी है। इसलिये दोनो में आज के दौर में युवाओं को माहिर होना होगा।

Relevant रहने का मंत्र Skill, Re- Skill और Upskill

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि आज के दौर में व्यापार और बाजार इतनी तेजी से बदलते हैं कि समझ नहीं आता है कि प्रभावी कैसे रहा जाए। मैं इसका एक ही जवाब देता हूं प्रभावी रहने का मंत्र है, स्किल, रि-स्किल और अपस्किल। साथ ही उन्होंने कहा कि तेजी से बदल रही इस दुनिया में स्किल, रिस्किल और अपस्किल ही प्रासंगिक रहने का मंत्र है। इस मंत्र को जानना, समझना और इसका पालन करना अहम है। स्किल की ताकत इंसान को कहां से कहां पहुंचा देती है। इंसान में हर उम्र में कुछ सीखने की ललक होनी चाहिए। सफल व्यक्ति की निशानी यही है कि वह अपने स्किल को मांजने का कोई मौका नहीं छोड़ता है। बल्कि हमेशा ऐसे मौके की तलाश में रहता है। अगर आपमें नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है। ऐसा व्यक्ति न केवल अपने लिए बोझ बन जाता है बल्कि स्वजनों के लिए भी बोझ बन जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के युवाओं की सबसे बड़ी ताकत स्किल ही है। उनमें इसे हासिल करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बिजनेस और व्यापार तेजी से बदल रहा है। विभिन्न सेक्टरों में लाखों स्किल्ड लोगों की जरूरत है। देश के युवाओं को इसके लिए तैयार करने की जरूरत है और स्किल इंडिया मिशन की यही कोशिश है।

मतलब साफ है कि घर का मुखिया जैसे बीच बीच में घर के सदस्यो के कमजोर होने पर जोश भरने का काम करते हैं ठीक पीएम मोदी जी भी इसी तरह देश में एक नई ऊर्जा भरते हैं जिससे देश राष्ट्रहित में तेजी से दौड़ना शुरू कर देता है।