दुनिया को जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर पीएम मोदी फिर चेताते हुए बोले: छोटे देशों में प्राकृतिक आपदा से बड़ी बर्बादी

पीएम मोदी ने ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन में एक बार फिर बड़े देशों को चेताते हुए कहा कि पिछले कुछ दशकों ने सिद्ध किया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रकोप से कोई भी अछूता नहीं है। विकसित देश हों या फिर प्राकृतिक संसाधनों से धनी देश सभी के लिए ये बहुत बड़ा खतरा है। इसमें भी जलवायु परिवर्तन से सब से अधिक खतरा स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स को है। छोटे देशों के लिए यह जीवन और मृत्यु का मामला है, उनके अस्तित्व के लिए एक चुनौती है। जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली आपदाएं उनके लिए तबाही का कारण बन सकती हैं। यह न केवल उनके जीवन के लिए बल्कि उनकी अर्थव्यवस्था के लिए भी एक चुनौती है।

 

इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्सकी लॉन्चिंग के लिए बधाई

पीएम मोदी ने कहा कि ‘इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स’ का लॉन्च एक नई आशा जगाता है, नया विश्वास देता है। ये सबसे कमजोर देशों के लिए कुछ करने का संतोष प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिस्टेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को बधाई देता हूं। इस महत्वपूर्ण मंच पर मैं ऑस्ट्रेलिया और यूके समेत सभी सहयोगी देशों और विशेष रूप से मॉरीशस और जमैका समेत छोटे द्वीप समूहों के नेताओं का स्वागत करता हूं।

इसरो SIDS  के लिए एक स्पेशल डेटा विंडो का निर्माण करेगी 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की स्पेस एजेंसी इसरो, स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स(SIDS) के लिए एक स्पेशल डेटा विंडो का निर्माण करेगी। इससे SIDS को सैटेलाइट के माध्यम से सायक्लोन, कोरल-रीफ मॉनीटरिंग, कोस्ट-लाइन मॉनीटरिंग आदि के बारे में समय रहते जानकारी मिलती रहेगी।

 

IRIS की लॉन्चिंग अहम पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि एकीकृत जोखिम सूचना प्रणाली यानी IRIS  की लॉन्चिंग को बहुत अहम मानता हूं। IRIS के माध्यम से सिड्स को प्रौद्योगिकी, वित्तिय सहायता, जरूरी जानकारी तेजी से जुटाने में आसानी होगी। स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन मिलने से वहां जीवन और आजीविका दोनों को लाभ मिलेगा।