आजादी के अमृतवर्ष खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनने का लें संकल्प

देश के किसान आत्मनिर्भर बने इसके लिए पीएम मोदी लगातार नई नई नीतियों को लाकर उनको मजबूत कर रहे हैं तो दूसरी तरफ आर्थिक मदद के जरिये उनके सामर्थ बना रहे हैं कि वो बेहतर खेती कर सकें। इसी क्रम में मोदी सरकार की तरफ से चलाई गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 9वीं किस्त जारी की गई। इसके तहत 9.75 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को 19,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इस बीच पीएम मोदी ने किसानों से आने वाले दिनो में खाने के तेल के मामले में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। साथ ही इसके लिये सरकार की नीतियों के बारे में भी बताया।

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन की हुई शुरूआत

पीएम मोदी ने बताया कि जिस तरह से दलहन की खेती को 50 फीसदी बढ़ाया गया है खाने के तेल में आत्मनिर्भरता के लिए अब राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम यानि NMEO-OP का संकल्प लिया गया है। पीएम ने कहा कि आज जब देश ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ को याद कर रहा है, तो इस ऐतिहासिक दिन ये संकल्प हमें नई ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने कहा, “इस मिशन के माध्यम से खाने के तेल से जुड़े इकोसिस्टम पर 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उत्तम बीज से लेकर टेक्नॉलॉजी, हर सुविधा मिले जिससे खाद्य तेल के मामले में भी भारत को विदेश पर निर्भर ना होना पड़े। बल्कि देश के किसान इसका लाभ ले सके। वही पीएम मोदी ने कहा कि अब देश की कृषि नीतियों में छोटे किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा, “इसी भावना के साथ बीते सालों से छोटे किसानों को सुविधा और सुरक्षा देने का एक गंभीर प्रयास किया जा रहा है।

कृषि निर्यात में पहली बार टॉप-10 देशों में पहुंचा भारत

उधर अगर आंकड़ो पर नजर डाला जाये तो पिछले कुछ सालों में भारत के किसानों ने देश में जिस तरह से खेती करने के तरीके में परिवर्तन लाकर उत्पादन बढाया है  आज उसी का असर है कि भारत पहले से बहुत ज्यादा पैदावार कर रहा है। जिसका नतीजा ये हुआ है कि भारत कृषि निर्यात के मामले में पहली बार दुनिया के टॉप-10 देशों में पहुंचा है। कोरोना काल में देश ने कृषि निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाए हैं और भारत की पहचान एक बड़े कृषि निर्यातक देश के तौर पर बन रही है। ऐसे में किसानों का फायदा भी दोगुना हो इसके लिये सरकार लगातार काम करने में जुटी है। देश के ज्यादातर जिलों में किसान के लिये अत्याधुनिक मंडिया खोली जा रही है तो दूसरी जरूरत भी उनके घर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ पीएम मोदी ने कहा कि ये समय भारत की कृषि को एक ऐसी दिशा देने का है, जो नई चुनौतियों का सामना कर सके और नए अवसरों का लाभ उठा सके। उन्होंने कहा, “सरकार ने खरीफ हो या रबी सीजन, किसानों से MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अब तक की सबसे बड़ी खरीद की है। इससे, धान किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए और गेहूं किसानों के खाते में लगभग 85 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट पहुंचे हैं”।

लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग किसानों में भ्रम पैदा कर के सरकार के खिलाफ माहौल खड़ा करना चाहते हैं जिससे कृषि सेक्टर में हो रहे अभूतपूर्व परिवर्तन ना हो सके और कुछ लोग इसी पर हल्ला मचाकर सरकार को बदनाम कर सकें। लेकिन हकीकत ये है कि सरकार के काम को किसान अच्छी तरह से समझ चुके हैं और वो ये भी समझ रहे हैं कि किसके साथ उनका हित है।