यूरोप देशों के दौरे पर मोदी ने दिया आपदाओं से निपटने का मंत्र-हमें अपने भविष्य को हर परिस्थिति के लायक बनाना है

पीएम मोदी अपनी तीन दिनी जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की यात्रा के बाद स्वदेश वापस लौट आये हैं। अगर पीएम मोदी की इस यूरोप यात्रा पर नजर डाला जाये तो ये काफी खास रही है। इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को आपदाओं से निपटने का मंत्र दिया है। तो भारत के हितों को ध्यान में रखकर कई देशों के साथ बड़े फैसले किये।

मोदी ने संकल्प याद दिलाए

आपदा अवरोधी अवसंरचना पर चौथे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने सतत विकास लक्ष्यों के उस संकल्प की याद दिलाई कि कोई भी पीछे न छूटने पाए। उन्होंने कहा, “इसीलिये हम अगली पीढ़ी वाली अवसंरचना का निर्माण करके निर्धनतम और अत्यंत जोखिम वाले वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं।” मोदी ने कहा कि अवसंरचना का मंतव्य जन और लोगों को समानता के आधार पर उच्च गुणवत्ता, भरोसेमंद और सतत सेवाएं मुहैया कराना है। लोगों को किसी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास गाथा के मर्म में होना चाहिये। भारत बिलकुल यही कर रहा है।

मानव क्षमता के भरपूर उपयोग पर जोर

प्रधानमंत्री ने मानव क्षमता के भरपूर उपयोग के लिये अवसंरचना के महत्त्व का उल्लेख करते हुए कहा कि अवसंरचना की क्षति पीढ़ियों तक चलती रहती है। हमारे पास उपलब्ध आधुनिक प्रौद्योगिकी और ज्ञान के आधार पर क्या हम परिस्थितियों का सामना करने वाली अवसंरचना का निर्माण कर सकते हैं, जो सदैव कायम रहे?” उन्होंने कॉप-26 में शुरू की गई ‘इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रेजेलियंट आईलैंड स्टेट्स’ की पहल और पूरी दुनिया में 150 हवाई अड्डों के सम्बंध में ‘रेजेलियंट एयरपोर्ट्स’ पर सीडीआरआई के कामकाज का उल्लेख किया। मोदी ने बताया कि सीडीआरआई के नेतृत्व में चलने वाले ‘ग्लोबल असेसमेंट ऑफ डिजास्टर रेसेलियंस ऑफ इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स’  से वैश्विक ज्ञान के सृजन में मदद मिलेगी, जो बहुत मूल्यवान होगा।

नार्डिक देशों ने भारत को यूएन में स्थाई सदस्यता पर समर्थन देने का किया वादा

एक तरफ भारत के पीएम मोदी दुनिया को कैसे बचाया जाये इसके लिये अपना एजेंडा बताने में लगे थे तो दूसरी तरफ यूरोप के सभी देश इस बात पर सहमत दिखाई दे रहे थे कि भारत को संयुक्त राष्ट्र संध का स्थाई सदस्य बनाया जाये। इन सभी देशों ने वादा किया वो इसके लिये हर संभव कदम भी उठाएंगे। एक तरह से देखा जाये तो ये एक बड़ा कदम है जो आने वाले दिनों में भारत को और ताकतवर बनायेगा।

एक तरह से देखा जाये तो पीएम मोदी का ये यूरोप दौरा काफी सफल दौरा माना जायेगा। क्योंकि यूक्रेन रूस जंग के बीच भारत ने अपना पक्ष खुले मन से रखा और सभी ने उसे सराहा।

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