ओडिशा के विधायक ने गर्भवती महिला को 6 किलोमीटर तक कंधे पर लाद कर पहुंचाया अस्पताल

खराब सड़कें अक्सर लोगों को ओडिशा के कई हिस्सों में अस्पतालों तक पहुचने में और एम्बुलेंस को उन लोगों तक पहुंचने से रोकने में बहुत मुश्किलें पैदा करती हैं। हालिया वाकया ओडिशा की है, जहाँ उस क्षेत्र के विधायक के सहयोग से एक गर्भवती महिला को पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया गया।

ओडिशा के नबरंगपुर के एक विधायक( जो अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने गए थे,) ने एक गर्भवती महिला को चारपाई के मदद से 6 किमी तक कंधे पर लादकर और बाद में सड़क मार्ग आने पर अपनी कार में अस्पताल ले गए।

नबरंगपुर में दबुगम निर्वाचन क्षेत्र से सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) के विधायक मनहर रंधारी उस समय अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक दूरस्थ गाँव में गए थे, जब वे जिले के कुसुमकुंती गाँव के जेमा बेहरा के यहाँ प्रसव पीड़ा से गुज़र रहे थे। हालांकि महिला को निकटतम अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस को बुलाया गया था, लेकिन मोटर योग्य सड़कों की कमी के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। जब रंधारी ने यह सुना, तो वह गाँव में पहुँच गया और उसने अपने साथियों के साथ चारपाई पर बैठाकर महिला को 6 किमी दूर पैदल चले और फिर अपनी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल छोड़ा।

विधायक ने महिला को अस्पताल ले जाने के अपने प्रयासों के बाद कहा “यह कुछ भी असाधारण नहीं था। लोगों के प्रतिनिधि के रूप में, मैं कठिनाइयों के समय में उनके साथ रहने वाला हूँ।” विधायक ने बाद में महिला को अपनी कार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया।

पिछले महीने, माओवादी प्रभावित मलकानगिरी जिले में एक डॉक्टर और उनकी टीम ने एक गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 30 किलोमीटर की दूरी पर एक स्ट्रेचर पर ले गए । मलकानगिरी जिले के कालीमेला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में काम करने वाले डॉक्टर राधेश्याम जेना ने कोडाइदुलगुंडी गाँव की एक आदिवासी महिला रिनमा बर को स्ट्रेचर पर लिटाया क्योंकि एम्बुलेंस उसके गाँव तक नहीं पहुँच सकी थी।

जनप्रतिनिधि के ऐसे कार्य और उनकी मानवता को देखकर सभी लोग उनकी तारीफ़ कर रहे है ।

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