OBC और EWS कैंडिडेट्स को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में भी अब मिलेगा केंद्र का आरक्षण कोटा 

मोदी सरकार लगातार अपने सारे वायदे पूरी करती जा रही है इसी क्रम में देश में मेडिकल एजुकेशन को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मेडिकल एजुकेशन में अखिल भारतीय कोटा  के तहत आरक्षण दिया जाएगा। जिसके तहत  OBC और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के कैंडिडेट्स को रिजर्वेशन दिया जाएगा। फैसले के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 27% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को 10% आरक्षण मिलेगा।

हजारों छात्र सीधे होंगे लाभान्वित

इस बारे में सरकार की माने तो इस फैसले के बाद सीधे-सीधे देश में अभी 5,550 छात्र लाभान्वित होंगे। तो हर साल लगभग 1500 ओबीसी विद्यार्थियों को एमबीबीएस में और 2500 ओबीसी विद्यार्थियों को PG में वहीं 550 EWS विद्यार्थियों को एमबीबीएस और लगभग 1000 विद्यार्थियों को PG में लाभ मिलेगा। देश भर के ओबीसी विद्यार्थी अब किसी भी राज्य में सीटों के लिए कम्पटीशन करने के लिए AIQ योजना में आरक्षण का लाभ ले सकेंगे। एक केंद्रीय योजना होने के कारण इस आरक्षण के लिए ओबीसी की केंद्रीय सूची का इस्तेमाल किया जाएगा।  पिछले 6 साल के दौरान, देश में एमबीबीएस की सीटें 2014 की 54,348 से 56 प्रतिशत बढ़कर 2020 में 84,649 और पीजी सीटों की संख्या 2014 की 30,191 से 80 प्रतिशत से बढ़कर 2020 में 54,275 हो गई हैं। इसी अवधि के दौरान 179 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई। अब देश में 558 मेडिकल कॉलेज है जिनमें 289 सरकारी और 269 प्राइवेट हैं। वैसे सरकार लगातार मेडिकल कॉलेज बनाने में भी जुटी हुई है जिससे ज्यादा से ज्यादा छात्रों को दाखिला मिल सके। सरकार का ये कदम साफ तौर पर ये भी बताता है कि सरकार किस तरह से लगातार पिछड़े वर्ग और गरीबों के उत्थान के लिये काम कर रही है।

पीएम ने बताया ऐतिहासिक फैसला

इस फैसले के बाद पीएम  मोदी ने ट्वीट कर कहा “हमारी सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल/डेंटल पाठ्यक्रमों के लिए अखिल भारतीय कोटा योजना में ओबीसी को 27 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का एक ऐतिहासिक फैसला किया है। इससे हर साल हजारों की संख्या में युवाओं को बेहतर अवसर हासिल करने और हमारे देश में सामाजिक न्याय का एक नया उदाहरण पेश करने में सहायता मिलेगी। वैसे इस मुद्दे पर भी लगातार विपक्ष ने खूब सियासत की लेकिन हर बार सिर्फ वादों का झुनझुना ही पकड़ाया। मोदी सरकार ने हर वायदे की तरह इसे भी पूरा करके दिखाया।

इस फैसले के बाद अब ये पक्का हो गया है कि मोदी सरकार जो कहती है उसे पूरा भी करती है। फिर वो किया गया कोई भी वादा क्यो ना हो ।