परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, अब मिसाइल हमले से भी महफूज रहेगी यह खास बिल्डिंग

कोरोना वायरस (Corona Virus) की महामारी के कारण लगे लॉकडाउन (Lockdown) के बीच भारत अपने परमाणु (Nuclear) कार्यक्रम में एक नई सीढ़ी चढ़ने में कामयाब हो गया है.

 

जयपुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी के कारण लगे लॉकडाउन (Lockdown) के बीच भारत अपने परमाणु (Nuclear) कार्यक्रम में एक नई सीढ़ी चढ़ने में कामयाब हो गया है. लॉकडाउन के बीच बीते रविवार का दिन भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा. भारत के परमाणु कार्यक्रम के मुख्य केंद्र रावतभाटा में स्थित राजस्थान परमाणु बिजलीघर ने नया रिकॉर्ड बनाया है. भारत के परमाणु बिजली परियोजना के इतिहास में यह रिकॉर्ड दर्ज हो गया है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में स्थित राजस्थान परमाणु बिजली परियोजना की 700 मेगावाट क्षमता की 8वीं इकाई का 570 टन का विशाल डोम दोपहर को पूजा अर्चना के साथ रिएक्टर बिल्डिंग पर रख दिया गया.

दावा किया जा रहा है कि डोम से परमाणु रिएक्टर बिल्डिंग मिसाइल हमले से महफूज रहेगी. राजस्थान परमाणु बिजली परियोजना के परियोजना निदेशक विवेक जैन ने बताया कि परमाणु रिएक्टर का डोम एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह पहला डोम है. इसके ऊपर भी दूसरा डोम बनेगा, जो भी इतना ही विशाल होगाा. 570 टन के विशाल डोम को बनाने में 370 टन स्टील का स्ट्रेक्चर लगाया गया. डोम पर 2020 क्यूबिक मीटर सीमेंट बिछाई जाएगी जिसमे लगभग छह माह का समय लगेगा.

राजस्थान के इस शहर का है बड़ा योगदान
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान का यही योगदान नहीं है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा कस्बे में स्थित राजस्थान परमाणु बिजलीघर की 6 इकाइयां पहले से कार्यरत हैं. यहां पर परमाणु ऊर्जा की इकाई 7 व 8 का कार्य निर्माणाधीन स्थिति में है. न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्पलेक्स यानी एनएफसी का निर्माण भी यहां पर हैदराबाद के बाद दूसरे स्थान पर किया जा रहा है. परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत अपने आप को मजबूत बना चुका है, लेकिन परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान का भी अपना योगदान है, क्योंकि राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा के एक बड़े इलाके के अंदर यह परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थापित है और यहां पर बड़ी तादाद में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है.

Published on: News18