इतिहास के साथ-साथ बदला भारत का भूगोल, अब याद करना होगा 7 की जगह 9 केंद्र शासित राज्यों का नाम

Union Territories

बचपन में हमें रटाया गया था की हमारे देश में 28 राज्य और 7 केंद्र शासित राज्य है | पर साल 2017 में जब आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ और राज्य दो हिस्सों में बंट गया पहला आंध्र प्रदेश और दूसरा तेलंगाना, इसके बाद से हमें बताया गया की अब देश में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित राज्य है | पर आज के मोदी सरकार के कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले के बाद अब एक बार और अपने दिमाग को अपडेट करना जरूरी है | अब से हमें ये याद करना है की हमारे देश में 28 राज्य और 9 केंद्र शासित राज्य है |

जी हाँ आज गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू एवं कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 पेश किया जिसके अंतर्गत जम्मू कश्मीर राज्य का विभाजन दो केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में किया जायेगा | शाह के इस विधेयक के अनुसार अब संविधान के अनुच्छेद 370 के पहले खंड को छोड़कर बाकि सभी खंड जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होंगे |

जम्मू एवं कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 के अनुसार लद्दाख के लिये केंद्र शासित प्रदेश का गठन किया जायेगा पर चंडीगढ़ की तरह यहाँ पर विधानसभा नहीं होगा | जबकि कश्मीर और जम्मू डिवीजन विधान सभा के साथ एक अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा जहां दिल्ली और पुडुचेरी की तरह विधानसभा होगी | साकार के इस फैसले के साथ ही अब देश में 9 केंद्र शासित राज्य हो गए है |

केंद्र शासित राज्य वैसे राज्य है जहाँ पर अन्य राज्यों की तरह अपनी राज्य सरकार नहीं होती बल्कि ये राज्य पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा कण्ट्रोल किया जाता है | यहाँ पर किसी मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं होता बल्कि इन राज्यों में भारत के राष्ट्रपति अपने सरकारी प्रशासक या उप राज्यपाल नामित करते है | इस मामले में देश की राजधानी दिल्ली को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है जो रहती तो केंद्र सरकार के सासन में पर यहाँ पर मुख्यमंत्री का भी चुनाव होता है |

MODI 2.0 सरकार के गठन के बाद से ही सरकार ने ऐसी परिस्थतियाँ पैदा की थी जिससे ये साफ़ हो रहा था की सरकार जम्मू-कश्मीर की समस्या को हल करने के लिए कोई बहुत बड़ा फैलसा लेने की कवायद कर रही है | सोमवार को सरकार के इस बड़े फैलसे ने न सिर्फ कश्मीर के इतिहस को बदल दिया है बल्कि कश्मीर के उज्जवल भविष्य के सभी रास्तों को खोल दिया है |