मोदी जी ने लालकिला से किया वादा निभाया, अब सेना में महिलाएं भी 54 की उम्र तक रह सकेंगी अधिकारी

अब सेना में महिलाएं भी 54 की उम्र तक रह सकेंगी अधिकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से ऐलान किया था कि भारतीय सशस्त्र सेना में शॉर्ट सर्विस कमिशन के माध्यम से नियुक्त महिला अधिकारियों को समकक्ष पुरुष अधिकारियों की तरह पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए परमानेंट कमिशन दिया जाएगा। अभी भारतीय सेना में महिला अधिकारी शॉर्ट सर्विस कमिशन के तहत आती हैं। एसएससी के तहत सेना में आए पुरुष अधिकारियों को 10 साल पूरे होने पर परमानेंट कमिशन ऑफर किया जाता है। महिला अधिकारियों को भी यह ऑप्शन मिलता है लेकिन अभी वह सिर्फ लीगल ब्रांच और आर्मी एजुकेशन कोर में ही परमानेंट कमिशन हो सकती हैं। अगले साल अप्रैल के बाद से सेना में कमिशन होने वाली महिला अधिकारियों को विकल्प मिलेगा। अगले साल से भारतीय सेना में जो भी महिलाएं ऑफिसर के तौर पर कमिशन होंगी उन्हें सेना में 54 साल तक बने रहने के मौके मिलेंगे।

उन सभी 10 ब्रांच में महिलाओं को परमानेंट कमिशन दिया जाएगा जिसमें वह शॉर्ट सर्विस कमिशन के जरिए आती हैं। अप्रैल 2020 से उन्हें सिगनल्स, इंजीनियर्स, आर्मी एविएशन, आर्मी एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेकेनिकल इंजीनियर्स, आर्मी सर्विस कोर, आर्मी ऑर्डिनेंस कोर और इंटेलिजेंस ब्रांच में भी परमानेंट कमिशन का विकल्प दिया जाएगा।

अप्रैल 2020 से जो भी महिला अधिकारी सेना में कमिशन होंगी उन्हें 10 ब्रांच में से किसी को सिलेक्ट करना होगा। इसके लिए उन्हें 3-4 साल का वक्त दिया जाएगा। फिर उस खास फील्ड की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 3-4 साल बाद इसलिए क्योंकि तब तक वह सेना का पूरा अनुभव ले सकेंगी। उसके बाद उन्हें उस ब्रांच की जरूरतों के हिसाब से विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी जिसका विकल्प वह चुनेंगी। अगर कोई महिला अधिकारी इंटरप्रेटर से विशेषज्ञता चाहती है तो उन्हें भाषा में ट्रेनिंग दी जाएगी और उसी में उन्हें एक्सपर्ट बनाया जाएगा। वह उसी फील्ड में प्रमोट होंगी। सेना के सीनियर अधिकारी के मुताबिक अभी किसी अधिकारी का स्पेशलाइजेशन नहीं हो पाता क्योंकि उनकी अलग-अलग जगह पोस्टिंग होती है। लेकिन जब महिला अधिकारी परमानेंट कमिशन में अपने विकल्प चुनेंगी तो उन्हें एक्सपर्ट बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

गौरतलब है कि सरकार ने सोमवार को संसद में बताया था कि तीनों सेनाओं में 10 हजार से अधिक महिला अधिकारी कार्यरत हैं। एक जुलाई 2019 की स्थिति के अनुसार थल सेना में 6868 महिला अधिकारी हैं जबकि वायुसेना में एक नवंबर 2019 की स्थिति के अनुसार यह संख्या 2302 है। नौसेना में 15 नवंबर 2019 की स्थिति के अनुसार 1077 महिला अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें सेना चिकित्सा कोर, डेंटल कोर और मिलिट्री नर्सिंग सेवा में कार्यरत महिला अधिकारी शामिल हैं। इन सभी महिला अधिकारीयों को मोदी सरकार के इस फैसले से फायदा होगा और वो सेना में अब और ज्यदा समय तक अपनी सेवा दे पायेगी।