अब कोरोना को हराने के लिये सरकार ने जारी की इलाज की नई गाइडलाइन 

भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिसे लेकर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय  ने कोरोना बीमारी के इलाज को लेकर अपनी गाइडलाइन में भी बदलाव किए हैं, जिसके तहत बिना लक्षण वाले और हल्के मामलों के लिए एंटीपीयरेटिक और एंटीट्यूसिव  को छोड़कर बाकी सभी दवाओं को हटा दिया गया है। इसी के साथ, नई गाइडलाइन में जरूरी न होने पर मरीजों को सीटी स्कैन न कराने की भी सलाह दी गई है। गाइडलाइन में बॉडी हाइड्रेशन के साथ सही खानपान पर जोर दिया गया है।

बिना लक्षण वाले मरीजों को इन दवाओं की जरूरत नहीं

सरकार की नई गाइडलाइन में  उन सभी दवाओं को प्रभावी ढंग से हटा दिया गया, जिन्हें डॉक्टर बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों के लिए भी लिख रहे थे। इन दवाओं में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, आइवरमेक्टिन, डॉक्सीसाइक्लिन, जिंक, मल्टीविटामिन आदि शामिल हैं। इसके साथ साथ सरकार की नई गाइडलाइन में भाप लेने की बात भी शामिल नहीं है। नई गाइडलाइंस में विटामिन, जिंक और एंटीबॉयोटिक के इस्तेमाल को भी हटा लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के इन दिशानिर्देशों में कोरोना बीमारी के इलाज के लिए पेरासिटामोल, स्टेरॉयड्स और ऑक्सीजन के सही इस्तेमाल के बारे में बताया गया है। इसी के साथ, रेमडेसिविर इंजेक्शन के इस्तेमाल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई है। सरकार ने कहा है कि रेमडेसिविर के इस्तेमाल में में बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह केवल एक प्रायोगिक दवा  है जिसमें नुकसान की भी संभावना है

कब ले सकते हैं कौन सी दवा

नई सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक, कोरोना के लक्षण दिखने पर लोग एंटीपायरेटिक और एंटीट्यूसिव दवाएं  ले सकते हैं, वहीं खांसी के लिए 5 दिनों तक दिन में दो बार 800 एमसीजी की डोज पर बुडेसोनाइड ले सकते हैं। इन सब के अलावा किसी और दवा की जरूरत नहीं है। अगर लक्षण बने रहते हैं या और बिगड़ते हैं, तो मरीज की तुरंत जांच की जानी चाहिए। वहीं रेमडेसिविर दवा  को लेकर सरकार ने कहा कि रेमडेसिविर का इस्तेमाल केवल मध्यम या गंभीर मरीजों के इलाज  जो अस्पताल में भर्ती हैं, की बीमारी की शुरुआत के 10 दिनों के भीतर किया जाना है। इसी के साथ, स्टेरॉयड  के इस्तेमाल लिए नई गाइडलाइन में कहा गया है कि स्टेरॉयड का इस्तेमाल सही समय पर  सही डोज में और सही अवधि के लिए किया जाना चाहिए। साथ ही घर पर इलाज कर रहे मरीज खुद से या बिना एक्सपर्ट्स की सलाह के स्टेरॉयड दवा लेने से बचें।

 सीटी स्कैन जरूरी हो तब ही करवाया जाये

सरकार की नई गाइडलाइन में डॉक्टरों से कहा गया है कि वे जरूरी न होने के मरीज को सीटी स्कैन कराने की राय भी न दें। मालूम हो कि कई रिपोर्ट्स में ये बताया गया है कि सीटी स्कैन मशीन से निकलने वाले रेडिएशन काफी नुकसानदायक होते हैं, जो कैंसर का खतरा बढ़ा देते हैं। वहीं, मास्क, हाथों की स्वच्छता और फिजिकल डिस्टेंस के पालन करने के महत्व पर जोर देते हुए मरीजों को बॉडी हाइड्रेशन के साथ स्वस्थ और संतुलित खानपान की सलाह दी गई है। इसी के साथ, मरीजों और उनके परिवारों को फोन, वीडियो-कॉल आदि के जरिए जुड़े रहने और पॉजिटिव बातचीत करने के लिए भी कहा गया है।

उधर कोरोना मामले की बात करे तो ये भी लगातार तेजी से गिर रहे हैं ऐसे में सरकार की इलाज की ये नई गाइडलाइन को जरूर आप ध्यान रखे क्योकि पहले देखा गया हैं कि कई लोग कोरोना के इलाज की ठीक जानकारी ना होने के चलते ज्यादा बीमार हो गये और कई की तो जानकारी के अभाव के चलते मौत भी हो गई। ऐसे में कोरोना से बचने के साथ साथ कोरोना से कैसे लड़े इसके लिये भी जागरूक जरूर रहे हैं। कोरोना को हराने के लिये वैक्सीन जरूर लगाये।

 

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