GDP के ऑकड़ो से निराश नही बल्कि उबरने के लिए देना होगा मोदी जी का साथ

देश की GDP सबसे निचले स्तर पर आ गई, मोदी सरकार के कारण ऐसा हुआ ऐसी बाते आज देश में फैलाया जा रहा है। लेकिन ये सब खबरे सिर्फ अपनी TRP हाई करने के लिए चलाई जा रही है और ये इसलिए हम बोल रहे है, कि जो इस तरह की खबर चला रहे है। वो अच्छी तरह से जानते है, कि ऐसा क्यो हुआ है। ऐसे में खबरिया चैनलो को सुनकर आप पैनिक न हो, इसके लिए सच से अवगत करवाना हमारा फर्ज भी है और हमारा कर्म भी तो चलिए बिना देरी किये GDP के गिरने की हकीकत से आपको रूबरू करवाते है।

कोरोना ने गिराई GDP

ये सबको पता है कि आज से ठीक 5 महीने पहले पीएम मोदी जब देश में लॉकडाउन की घोषणा कर रहे थे तो उन्होने कहा था, कि कोरोना महामारी में देशवासियों की जान बचाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उनके बोल थे कि “जान है तो जहान है” और ये कहते हुए उन्होने लॉकडाउन का फैसला लिया था जिसका मतलब था देश में सबकुछ बंद । एक तरह से बोले तो पूरी तरह से हर काम पर ताला लगा दिया गया था। अब आप ही बताए जिस देश में कल-कारखाने कई महीनों तक बंद रहेगे तो क्या होगा ये तो अर्थशास्त्र न जानने वाला भी जान सकता है कि ऐसा होने से देश की आर्थिक रफ्तार रूक जायेगी। जिसका सीधा असर देश की GDP पर दिखेगा और यही एक वजह है कि देश की GDP -23.9 फीसदी पर आज पहुंच गई है। लेकिन इसके साथ साथ सरकार ने लॉकडाउन के वक्त न मंहगाई बढ़ने दी और करोड़ों देशवासियों तक मुफ्त में सेवाए भी पहुंचाई। जिसका असर भी GDP पर पड़ा है। और हां भारत ही नही दुनिया के सभी देशों की GDP का हाल कुछ इसी तरह है। ऐसे में सरकार को सिर्फ सियासी रोटिया सेकने के लिये दोषी बताना बिलकुल गलत होगा।

पहले जान को बचाया अब जहान को भी उबारेगी मोदी सरकार

मोदी सरकार के लॉकडाउन के फैसले पर देश में कुछ भी लोग बोले, लेकिन क्या संयुक्त राष्ट्र संघ हो या फिर दुनिया के शक्तिशाली देश, सब ये बोलते हुए नजर आये कि भारत ने सही समय पर सही कदम उठाकर अपने देश के लोगो की जान ही बचाई बल्कि ये दिखा दिया कि कोरोना से लड़ने में भारत सबसे आगे है। ऐसे ही जिस तरह से मोदी सरकार ने आर्थिक सुधार के कदम उठाए है उसको देखकर भी दुनिया उनकी तारीफ कर रही है और ये दावा कर रही है, भारत इस बुरे दौर में भी सबसे बेहतर आर्थिक व्यवस्था खड़ी कर के दिखाएगा। जिस तरह से भारत ने निर्यात इन महीनो में बढ़ा है उससे तो यही लगता है। इसके साथ साथ भारत एक कृषि प्रधान देश है और भारत की आर्थिक व्यवस्था बहुत कुछ कृषि पर ही निर्भर करती है। ऐसे में कृषि की बेहतर स्थिति के चलते भारत की GDP  आने वाले दिनो में बेहतर हो जाएगी। उस पर पीएम मोदी का आत्मनिर्भर भारत का अभियान धीरे धीरे देश को उस स्तर पर ला रहा है जहां से नया भारत देखने को मिलेगा। इसलिए फेक न्यूज के चक्कर में फंसकर आप जिस गति से काम कर रहे है उसे धीमा न कर दें, इस लिए काम में ध्यान दे जिससे देश आत्मनिर्भर के साथ साथ आर्थिक रूप से भी खड़ा हो सके।

 

यानी जो लोग आज GDP पर ज्ञान पांडे बनकर ज्ञान बांट रहे है वो उस वक्त जोर जोर से हल्ला मचा रहे थे कि अगर कल-कारखाने चलते रहे तो देश में कयामत आ जाएगी। आज वही GDP का रोना रो रहे है। ऐसे में हम ये नही बोल रहे कि सबकुछ बेहतर है, लेकिन हां ये जरूर बोल रहे है मोदी सरकार की नीयत बिलकुल ठीक है और वो देश की आर्थिक रथ को ठीक तरफ ले भी जा रहे है, बस इसकी स्पीड तेज करने के लिये हमें भी इस का हिस्सा बनना पड़ेगा फिर देखियेगा कैसे देश की GDP चंद महीनों में सबसे शिखर पर होगी।