नये भारत में असंभव के लिए स्थान नही

पिछले 6 साल से मोदी सरकार में वो काम हो रहे है जो असंभव लगते थे खासकर सामरिक दृष्टि से जुड़े मामले को मोदी सरकार ने तुरंत पूरा करने पर बल दिया है जिसके चलते जहां अटल रोहतांग टनल बनकर तैयार हो गई है तो अब भारत पाकिस्तान सीमा पर दुनिया की सबसे बड़ी टनल बनाने जा रहा है।

पाक सीमा पर बनेगी एशिया की सबसे लंबी सुरंग

मोदी सरकार लगातार भारत की सीमाओं पर सड़क मार्ग का विस्तार कर रही है जिससे जंग के वक्त दुश्मन तक हमारी सेना आसानी से पहुंच सके। इसके लिये जहां 43 पुल का निर्माण BRO की तरफ से हो गया है तो अब भारत अब पाकिस्तान की सीमा तक एशिया की सबसे लम्बी टनल बना कर LOC पर आतंकियों की घुसपैठ पर आसानी से लगाम लगाने जा रही है। भारत अब पाकिस्तान की सीमा तक एशिया की सबसे लम्बी सुरंग बनाने जा रहा है।  भारत 14.2 किमी. लंबी यह सड़क सुरंग बनाकर एलओसी तक अपनी रणनीतिक पहुंच मजबूत करने जा रहा है। आठ साल से लटका यह प्रोजेक्ट अब फाइनल हो गया है और निर्माण कार्य शुरू होना बाकी है, यह सुरंग केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में सोनमर्ग और द्रास शहर के बीच हिमालय पर जोजी ला दर्रे के करीब बनाई जाएगी। यह सुरंग लद्दाखी लोगों की आवाजाही आसान करने के साथ ही सेना की रणनीतिक जरूरतों को भी पूरा करेगी, क्योंकि यह सुरंग पूरे साल राजमार्ग को खुला रखने में मदद करेगी पाकिस्तान की नियंत्रण रेखा करीब होने से अभी तक इसी इलाके से होने वाली आतंकवादियों की घुसपैठ पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी। इस अत्याधुनिक सुरंग में नवीनतम सुरक्षा विशेषताएं होंगी जैसे वेंटिलेशन सिस्टम, निर्बाध बिजली आपूर्ति, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, संदेश संकेत, यातायात लॉगिंग उपकरण और सुरंग रेडियो सिस्टम। सुरक्षा सुविधाओं में प्रत्येक 125 मीटर पर आपातकालीन टेलीफोन और अग्निशमन अलमारियां, प्रत्येक 250 मीटर पर पैदल यात्री पार मार्ग और प्रत्येक 750 मीटर पर मोटरेबल क्रॉस मार्ग और ले-बाय शामिल होंगे।

अटल टनल का काम हुआ पूरा

मनाली से लेह को जोड़ने वाली अटल सुरंग आखिर कर 10 साल में बनकर तैयार हो गई। पहले इसे 6 साल में बनाकर तैयार किया जाना था, लेकिन बाद में 4 साल और अधिक टाइम बढ़ गया। अटल सुरंग 10,000 फीट से ज्यादा लंबी है। इससे मनाली और लेह के बीच के सफर की 46 किमी दूरी घटेगी। मनाली से लेह को जोड़ने वाली यह अटल टनल दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल है। इसमें हर 60 मीटर की दूरी पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इतना ही नहीं सुरंग के भीतर हर 500 मीटर की दूरी पर इमर्जेंसी एग्जिट भी बनाए गए हैं। इस सुरंग की बदौलत मनाली से लेह के बीच की दूरी 46 किमी तक कम हो जाएगी जिससे आवाजाही 4 घंटे के समय की बचत होगी। किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए फाइटर हाइड्रेंट लगाए गए हैं। इसकी चौड़ाई 10.5 मीटर है, इसमें दोनों ओर 1-1 मीटर के फुटपाथ भी बनाए गए हैं। इस टनल को बनाने में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसमें केवल एक छोर से काम कर रहे थे, दूसरा छोर रोहतांग के पास उत्तर में था। एक साल में सिर्फ 5 महीने ही काम किया जा सकता था। अटल टनल प्रोजेक्ट की लागत 2010 में 1,700 रुपये से बढ़कर सितंबर 2020 तक 3,200 करोड़ रुपये हो गई।

जो लोग ये पूछते है कि मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में नया किया क्या है उनके लिये ये बताना जरूरी होता है कि नये काम शुरू करने से पहले पुराने पूरे हो जाये ये पक्का करना भी नये काम से कम नही होता क्योकि मोदी राज में हर वो वादे पूरे किये गये है जो सालों से मोदी जी देश वासियों से करते आये है। खासकर देश की सुरक्षा को लेकर जो वायदे उन्होने किये थे वो आज पूरे हो गये है या फिर होने की कगार में है।