देश के विकास से बड़ा कोई मजहब नही –मोदी

AMU के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने बोलते हुए साफ ये संदेश दिया कि देश आज तेजी से विकास कर रहा है जिसका फायदा सभी धर्म को मिल रहा है। इसके साथ मोदी ने छात्रों से आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाने के लिये आगे आने की अपील की।

बिना किसी मजहब के भेद के हर किसी तक पहुंच विकास का फायदा

AMU  के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने साफ किया कि आज देश जो योजनाएँ बना रहा है वो बिना किसी मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुँच रही हैं। बिना किसी भेदभाव, 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले। बिना किसी भेदभाव, 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए। बिना किसी भेदभाव 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला। बिना किसी भेदभाव आयुष्मान योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ। इसके साथ पीएम ने साफ भी किया कि आज जो देश का है वो हर देशवासी का है और इसका लाभ हर देशवासी को मिलना ही चाहिए, हमारी सरकार इसी भावना के साथ काम कर रही है।

मतभेदों के नाम पर पहले ही बहुत समय जाया हो चुका है

पीएम मोदी ने साफ किया कि आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। समूचा विश्व इस सदी को भारत की बता रहा है, उस लक्ष्य की तरफ भारत कैसे आगे बढ़ता है, इसे लेकर सब उत्सुक हैं। इसलिए हम सबका एकनिष्ठ लक्ष्य ये होना चाहिए कि भारत को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं। पिछली शताब्दी में मतभेदों के नाम पर बहुत समय पहले ही जाया हो चुका है। अब समय नहीं गंवाना है, सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है। इतना ही नही पीएम ने साफ किया कि सियासत अपनी जगह ठीक है लेकिन सियासत से भी ऊपर कुछ और भी है। समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं, लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो, तो हर मतभेद किनारे रख देने चाहिए। जब आप सभी युवा साथी इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो ऐसी कोई मंजिल नहीं, जो हम हासिल न कर सकें। हमें समझना होगा कि सियासत सोसाइटी का अहम हिस्सा है। लेकिन सोसाइटी में सियासत के अलावा भी दूसरे मसले हैं। सियासत और सत्ता की सोच से बहुत बड़ा, बहुत व्यापक किसी देश का समाज होता है।

नये भारत को बनाने के लिए मोदी जी ने युवाओं से आवाहन भी किया। वो उस तरह से काम करे जैसे देश को आजादी दिलवाने के लिए 1947 से पहले आजादी के मतवाले करते आये है। भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए देश को आत्मनिर्भर बनाना होगा और ये तभी संभव हो पायेगा जब देश का युवा इस ओर तेजी से काम करेगा। इसलिये देश के सभी युवाओं को देश को आगे ले जाने के लिए तेजी से आगे आना होगा जिससे देश शिखर पर पहुंच सकें।