दुनिया की कोई ताकत कश्मीर मसले का हल नहीं रोक सकती – कश्मीर में रक्षा मंत्री

MODI 2.0 जिस रफ़्तार और निष्ठा से जम्मू-कश्मीर में आतंक विरोधी गतिविधियों तथा लोक कल्याणकारी योजनाओ को अंजाम दे रही है, इससे यही प्रतीत हो रहा है कि सालों से चली आ रही कश्मीर समस्या का जल्द ही समाधान होगा|

Kargil War Memorial in Drass.

बीते शनिवार की सुबह कठुआ से लोगों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जो लोग कश्मीर की समस्या का निवारण चाहते हैं, उनसे मैं आग्रह करता हूँ कि एक बार साथ बैठकर इसका हल निकालने की कोशिश करें| उपद्रवियों की तरफ कड़ा रुख लेते हुए उन्होंने ये भी कहा कि कश्मीर की समस्या निश्चित रूप से हल होगी और दुनिया की कोई ताकत इसे रोक नहीं सकती| कोई अगर बातचीत से नहीं मानता है तो ऐसे लोगो से निपटने के और भी तरीके हैं|

शनिवार की सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर के एक दिवसीय दौरे पर श्रीनगर एअरपोर्ट पहुंचे, जहाँ पर सेना और प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया| यहां से वह द्रास के लिए रवाना हो गए| उनके साथ इस दौरे में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह और सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी शामिल थे| यहाँ पहुँचने के बाद सिंह ने कारगिल वार मेमोरियल पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जाबाजों को श्रद्धांजलि अर्पित की और साथ ही वहां पर मौजूद विजिटर्स बुक में अपनी उपस्थिति भी अंकित की|

Defence_Minister_Rajnath_Singh_In_Drass

इसके बाद सिंह उज्ज में बने एक किलोमीटर लंबे पुल के उद्घाटन के लिए जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में पहुंचे| राजनाथ सिंह के साथ आये सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने इस दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) तथा लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ आतंकवाद निरोधक अभियानों का भी जायजा लिया|

आपको बता दें इससे पहले 3 जून को भी राजनाथ सिंह कश्मीर और लद्दाख गए थे और साथ ही सियाचिन ग्लेशियर और लेह में स्थित सेना के 14 कोर तथा श्रीनगर में 15वीं कोर मुख्यालय भी गए थे|

इस साल कारगिल युद्ध की बीसवीं वर्षगांठ के मौके पर दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से विजय मशाल निकाला गया है| 14 जुलाई को रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से सेना के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज सूबेदार जीतू राय को विजय मशाल सौंपी थी जो पुरे उत्तर भारत के 9 प्रमुख कस्बों, शहरों से गुजरते हुए अंत में 26 जुलाई को द्रास स्थित कारगिल में शहीदों की कर्मभूमि पर पहुंचेगी| यहाँ पर सेना प्रमुख इस विजय मशाल का आवाहन करेंगे और साथ ही 26 जुलाई को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यहाँ पर वीर जवानों को श्रधांजलि अर्पित करेंगे|