6 साल पहले किसी ने नही सोचा था, जनधन योजना किसी महामारी को मात देने में बनेगा हथियार

इस बात से कोई इंकार नही कर सकता कि कोरोना महामारी की सबसे ज्यादा मार देश के गरीब परिवारों पर पड़ी है। लाखों की संख्या में ऐसे लोग है जिनके रोजगार पर कोरोना का साया पड़ा है जिससे उनकी इंकम बिलकुल रुक गई थी और इस बात को सरकार अच्छी तरह से जानती थी। इसीलिये सरकार ने ऐसे लोगो के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की। लेकिन क्या आपको पता है  सही व्यक्ति तक ये मदद पहुंचे इसमे सबसे अहम रोल किसका रहा वो है? 6 साल पहले शुरू की गई पीएम मोदी की जनधन योजना का जिसके आज 6 साल पूरे हो गये है।

कोरोना काल में जनधन बनी गरीबों के लिए वरदान

कोरोना काल के चलते जब गरीब लोगो को आर्थिक मदद देने का फैसला सरकार ने किया तब इस योजना के तहत लोगो के खाते में सीधे पैसे पहुंचे ये बात लिखना जितना सरल है और बोलना जितना सरल है लेकिन अगर सोचा जाये कि अगर ये योजना नही होती तो क्या कोरोना काल में हर उस व्यक्ति तक सरकार की मदद पहुंच पाती? मेरे ख्याल से आप सब का जवाब भी नही होगा। इसलिये इस योजना को कोरोना काल के वक्त एक वरदान माना जाये तो कम नही होगा। और ये मोदी जी की दूर की सोच रखने को भी बताता है कि कैसे एक छोटी सी योजना से देश के गरीबों के हक का पैसा उनके खाते में जाने लगा। आपको जान कर हैरानी होगी, कि इस योजना के तहत ही  8 करोड़ महिलाओं को 500 रूपए खाते में दिए गये तो फ्री गैस की सब्सीडी भी उनको इसे खाते में मिली। ऐसे में अगर ये योजना नही होती तो मानकर चलिए कि कैसे आर्थिक मदद के नाम पर घोटाले हो रहे होते जैसे इस योजना के पहले हुआ करते थे। लेकिन इस एक योजना ने बुरे वक्त में गरीबों की सबसे ज्यादा आर्थिक मदद की जो तारीफ के काबिल है।

जनधन से मिला गरीबों को सम्मान

ठीक 6 साल पहले लालकिले से जिस जनधन योजना का ऐलान पीएम मोदी ने किया था उसे जमीन में आज के दिन ही उतारा गया था। मतलब ये है कि जनधन योजना के 6 साल आज पूरे हो गये है। सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी ने इस योजना को शुरू किया, जिसका उद्देश्य जीरो बैलेंस पर लोगों के बैंक खाते खोलना था। अगस्त 2020 तक इस योजना के तहत 40.35 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। कुल बैंक खातों में 55 प्रतिशत खाते महिलाओं के नाम पर हैं, जबकि शेष 45 प्रतिशत दूसरों के नाम पर हैं। जनधन योजना के तहत खुले बैंक खातों में से 64 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, जबकि केवल 36 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। इसके अलावा इसमें दुर्घटना बीमा और 2 लाख का डेबिट कार्ड प्राप्त करने की सुविधा है।

 

मोदी सरकार की हर योजना गरीब को ध्यान में रख कर बनाई जाती है। ये अब स्पष्ट हो गया है और जिस तरह से इस योजना के चलते गरीबों को आर्थिक सम्मान मिला है, वो भी एक बड़ी बात है, क्योकि आज हर गरीब गर्व के साथ बोलता है कि उसका खाता भी बैंक में है। ऐसा ही नया भारत बनाने का सपना तो मोदी सरकार ने देखा है, जिसे हर दिन वो साकार करने में लगी हुई है।