नो बिल, नो पेमेंट – भ्रष्टाचार रोकने के लिए रेलवे की अनूठी पहल

No bill, no payment

अक्सर जब हम ट्रेन से लम्बी दुरी की यात्रा करते हैं, तब हम घर से खाने-पीने की चीज़ें लेकर जाते हैं। पर फिर भी स्टेशन पर मिलने वाली चीजें हमें ज्यादा लुभाती है। हमारे देश में ये बात और भी खास हो जाती है, जहाँ रोजाना लाखों लोग ट्रेन में सफर करते हैं। इसिलए मोदी सरकार ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष ध्‍यान दे रही है।

अब तक भारतीय रेल अपने यात्रियों की सुखद और मंगलमय यात्रा के लिए कई सुविधाओं को सुनिश्चित कर चुकी है। अब इसी क्रम में रेलवे मंत्रालय, ट्रेन और स्‍टेशनों पर सामान बेचने वाले वेंडरों की मनमानियों पर भी रोक लगाने की तैयारी कर रही है|

इसके लिए रेल मंत्री पियूष गोयल ने अपना एक विडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमे वो लोगों को ये सन्देश दे रहे हैं कि अगर स्टेशन पर कोई भी सामान बेचने वाला वेंडर आपको बिल नहीं देता है, तो उसे पैसे देने की भी जरूरत नहीं है। इसका मतलब कि वो सामान आपको बिलकुल मुफ्त मिलेगा|

सरकार की भाषा में कहें तो रेलवे मंत्रालय के इस नीति को ‘नो बिल, नो पेमेंट’ कहा जा रहा है|

बीते गुरुवार को रेलवे की इस नीति को पूरी तरह से सभी स्टेशनों और ट्रेनों में लागु कर दिया गया है| अब इस नीति के तहत स्टेशन या ट्रेन में सामान बेचने वाला कोई वेंडर यदि यात्री को उसका बिल नहीं देता है तो यात्री को पैसे देने की भी ज़रुरत नहीं है। बाकायदा यात्री को वो सामान मुफ्त में ही मिल जायेगा|

सबसे अहम् बात है कि सरकार के इस पहल से यात्रियों को वेंडरों के मनमानी से मुक्ति मिलेगी और भ्रष्टाचार के मामलों में भी कमी आएगी| अब ज़रुरत है सरकार की इस नीति को सुचारू रूप से लागू किया जाये और उसकी निगरानी की जाए।

दरअसल स्टेशन पर सामान बेचने वाले वेंडर अक्सर सामान को अपने तय दामों पर बेचते है जबकि सरकार द्वारा तय दाम इनसे बिलकुल अलग और कम होता है। इस सन्दर्भ में यात्रियों को कोई भी जानकारी नहीं होती| अब एक चाय की ही बात ले लेते हैं, अक्सर वेंडर चाय को 10 रुपये प्रति कप में बेचते हैं, जबकि असलियत में एक कप चाय का दाम सिर्फ 7 रुपये ही होता है| अब ये तो आप भी अंदाज़ा लगा सकते हैं कि जब वेंडर एक कप चाय पर 3 रुपये का घपला कर रहा है, तो पुरे दिन भर में वो कितने रुपये का घपला करता होगा| पर अब, जब वेंडरों को अपनी हर बिक्री का बिल देना होगा और सरकार को भी इसका ब्यौरा देना होगा, तो हम ये अनुमान लगा सकते है की वेंडरों के इन घपलों में कमी आएगी|

“नो बिल, नो पेमेंट” की नीति को लोगों के बीच अच्छे से समझाने के लिए रेल मंत्री पियूष गोयल ने अपना एक विडियो ट्विटर पर शेयर किया है और कैप्शन में लिखा है- ‘रेलवे द्वारा No Bill, No Payment की नीति अपनाते हुए विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों को बिल देना अनिवार्य किया गया है। ट्रेन अथवा रेलवे प्‍लेटफॉर्म पर यदि कोई विक्रेता आपको बिल देने से इंकार करता है तो आपको उसे पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।’

खैर वेंडरों की मनमानी रेट की बढती शिकायतों के मद्देनज़र सरकार ने इस ओर लगाम लगाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है| अगर इस नीति को सख्ती से प्रभावित किया जाये तो निश्चित तौर से मोदी सरकार का ये कदम काबिले तारीफ होगा।