निर्मला सीतारमण आज पेश करेंगी मोदी 2.0 का दूसरा बजट

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देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आज आम बजट पेश कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे सदन में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करेंगी। बतौर वित्त मंत्री यह उनका दूसरा बजट है।

निर्मला सीतारमण के सामने सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई को संभालने की चुनौती है। सरकार ने जुलाई 2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया था। उस बजट में किसानों की बदहाली को प्राथमिकता दी गई थी।

बजट में भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री की संकल्पना का ब्योरा शामिल होने की उम्मीद है। पूरे राष्ट्र की नजरें आज संसद में पेश किए जाने वाले बजट पर टिकी हुई है। देश के दिग्गज अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्र सरकार के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की राह आसान नहीं है लेकिन इसके लिए नई दिशा की ओर कदम बढ़ाने से पहले पुराने मुद्दों पर फोकस करने की जरूरत है। माना जा रहा है कि बजट में इसके लिए एक स्पष्ट खाका पेश किया जा सकता है।

सुस्त पड़े अर्थव्यवस्था के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज  आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला ‘फील गुड’ बजट पेश कर सकती हैं। इस बजट में लोगों की जेब में खर्च के लिए अधिक पैसा बचे, इसके लिए आयकर (Income Tax) में कटौती, ग्रामीण और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रोत्साहन और ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है। साथ ही बजट में मिडिल क्लास को कुछ और राहतें भी दी जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

वित्त मंत्री के सामने इस बार के बजट में ये हैं चुनौतियां:

आर्थिक सुस्ती: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के सामने चुनौती आर्थिक सुस्ती से निपटने की होगी। जीडीपी ग्रोथ 5 फीसदी पर आ चुकी है। ऐसे में बजट के जरिए कैसे ग्रोथ को 2014 वाले स्तर पर ले जाया। इसकी तस्वीर निर्मला सीतारमण पेश कर सकती हैं।

बेरोजगारी: रोजगार को लेकर मोदी सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है। बेरोजगारी की दर 6 फीसदी तक पहुंच चुकी है। आर्थिक सुस्ती के बीच बेरोजगारी और बढ़ने की आशंका है। इस आशंका से भी दूर करने का भरोसा आज वित्त मंत्री को देना होगा।

5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि साल 2024 में देश की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाए, इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में क्या ऐलान होगा ये भी देखना दिलचस्प होगा।

इससे पहले, शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। जिसमे ये बातें प्रमुख रूप से कहीं गयी हैं:

– वित्त वर्ष 2019-20 में GDP ग्रोथ 5% रहने का अनुमान है।
– वित्त वर्ष 2020-21 में GDP ग्रोथ 6-6.5% रहने का अनुमान है।
– वित्त वर्ष 2020-21में वित्तीय घाटा बढ़ने की संभावना।
– आने वाले दिनों में दुनियाभर में विकास में कमी देखने को मिलेगी।
– आने वाले दिनों में खाद्य सब्सिडी में बदलाव संभव।
– वित्तीय घाटा कम करने के लिए खाद्य सब्सिडी में बदलाव संभव है।
– रियल एस्टेट कंपनियों को कीमत घटानी चाहिए।

 


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