निर्मला सीतारमण ने कॉरपोरेट टैक्स की दरें घटाईं

निर्मला सीतारणम का कॉरपोरेट इंडिया को तोहफा

केंद्र ने आज मंद पड़ी हुई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए घरेलू कंपनियों पर कॉरपोरेट कर को कम कर दिया, पिछले कुछ समय से सभी क्षेत्र में मांग में कमी देखने को मिल रही रही थी, विशेष रूप से विनिर्माण जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के उच्चतम योगदान करती है। अब भारत एशिया के सबसे कम कॉर्पोरेट टैक्स रेट वाले देशों में शामिल हो गया है। जानकारों का कहना है कि कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में कमी से कंपनियां निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगी। इससे देश में रोजगार के मौके बढ़ेंगे और साथ ही अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा ।

केंद्र ने घरेलू कंपनियों के लिए सभी उपकरों और अधिभारों को मिलाकर प्रभावी कॉर्पोरेट कर को 25.17 प्रतिशत कर दिया। वहीं, अगर घरेलू कंपनियां पहले से किसी छूट का फायदा नहीं ले रही है, तो उनसे 22 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स वसूला जाएगा। कैपिटल गेन पर सरचार्ज खत्म हो गया है। साथ ही कंपनियों से लिया जाने वाले मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) को खत्म कर दिया गया है।निर्मला सीतारमण ने कहा कि नई कर दर वर्तमान वित्तीय वर्ष से लागू होगी जो 1 अप्रैल से शुरू हुई थी।

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सीतारमण ने कहा कि कॉर्पोरेट कर में कमी और अन्य राहत उपायों से सरकार के खजाने पर करीब 1 लाख 45 हजार करोड़ सालाना के हिसाब से कमी होगी।

सीतारमण ने कहा कि एक अक्टूबर के बाद बनी नई घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 फीसदी की दर से आयकर भुगतान कर सकती हैं। नई विनिर्माण कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 17.01 फीसदी होगी।

MAT को किया खत्म

सरकार ने मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स (MAT) भी खत्म कर दिया गया है। एमएटी ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती हैं। लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्स की देनदारी कम होती है। मौजूदा समय में कंपनी के बुक प्रॉफिट पर 18.5 फीसदी MAT लगता है। केंद्र सराकर ने 1987 में पहली बार मैट का ऐलान किया था।

शेयर बाजार में जोरदार उछाल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के तुरंत बाद बाजार में तेजी आई, BSE सेंसेक्स में 1,900 अंक से अधिक और NSE निफ्टी 11,000 अंक से ऊपर चढ़ने के बाद बाज़ार के कारोबार में तेजी देखी गयी । घोषणा से रुपया 66 पैसे उछलकर 70.68 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है।

RBI गवर्नर ने भी सुधार के दिए थे संकेत

इस हफ्ते के शुरू में ही रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि सरकार ने हाल ही में जो उपाय किए हैं, उनका असर धीरे धीरे दिखने लगा है। लेकिन आगे भी ऐसे कुछ कदम जल्द उठाये जा सकते हैं। उनका कहना था कि मुझे ऐसा लगता है कि सही उपायों से चीजें बेहतर होनी चाहिए। यह बहुत अच्छा संकेत है कि सरकार अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी उपायों पर तुरंत एक्शन ले रही है। उम्मीद है कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया होगी।

अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और विकास दर को रफ्तार देने के लिए सरकार की तरफ से ताबड़तोड़ फैसले लिये जा रहे हैं। इससे पहले भी केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था की सुस्ती दूर करने के लिए कई सेक्टर्स के लिए अलग अलग बड़ी घोषणाएं की थीं। जिनमें रियल एस्टेट, बैंक मर्जर, बैंक रीकैपिटलाइजेशन और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स को राहत के उपाय शामिल थे।