NIA कोर्ट ने यासीन मलिक को दोषी करार किया, अब सख्त सजा देकर बनाई जाये नई मिसाल

कहते है भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं यानी जो जैसा करता है वो वैसा ही भरता है। उसका  एक उदाहरण आज देखने को मिला जब कोर्ट से घाटी में मासूम कश्मीरी पंडितों के खून बहाने वाले यासीन मलिक को दोषी मान लिया गया और अब उसे 25 मई को अपने कुकर्मों की सजा सुनाई जायेगी। ऐसे में कोर्ट से सभी की यही अपील है कि इसी सख्त से सख्त सजा सुनाई जाये जिससे घाटी में कोई दहशतगर्द बनने से पहले हजार बार सोचे।

घाटी में मासूमों का खून बहाने वाला यासीन मलिक दोषी करार

राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की विशेष अदालत ने कश्‍मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को दोषी करार दिया है। मामला कश्‍मीर घाटी में आतंकियों की फंडिंग से जुड़ा है। अदालत ने मलिक से उसकी वित्‍तीय स्थिति का लेखा-जोखा भी मांगा है और NIA से भी रिपोर्ट तलब की है। सजा पर बहस 25 मई को अगली सुनवाई के दौरान होगी। मलिक पर आपराधिक साजिश रचने, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, अन्य गैरकानूनी गतिविधियों और कश्मीर में शांति भंग करने का आरोप था। मलिक ने इस मामले में अपना गुनाह कबूल कर लिया था। शायद वो ये सोच रहा होगा कि उसके इस तरह से गुनाह कबूल करने से उसे कोर्ट से कुछ सजा मे राहत मिल जाये। तो ये कतई नही है। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये जिससे दोबारा कोई यासीन मलिक पैदा ना हो पाये।

सियासत के चलते अभी तक अलगाववादी बचते रहे

अगर घाटी पर नजर डाले तो आजादी के बाद से लेकर 2014 तक ये लोग देश की ही खाते थे और दुनिया के सामने देश की बुराई करते थे। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद इनका अब वो ऐसा नहीं कर पा रहे है क्योंकि मोदी सरकार के राज्य में या तो वो जेल में है या फिर देश छोड़कर भाग गये है। लेकिन मोदी सरकार से पहले इन लोगों की बहुत मजे थे। कुछ लोग वोट के लिए इन्हे भटके हुए नौजवान मानते है। और इनसे गलबईया करते हुए दिखाई देते थे। कुछ लोग उन्हे कश्मीर का यूथ आइकान मानते थे। तो कुछ लोग सर बोलकर कश्मीरी पंडितों के कातिलों को सम्मान करते थे। जो ये साफ बताता है कि उनकी सियासत किस तरह की थी। लेकिन नए भारत में ये सब पूरी तरह से बंद हो चुका है और घाटी में मासूम को मौत के घाट उतारने वालों को अब छोड़ा नही जायेगा। ये साफ हो चुका है।

लेकिन अब कोर्ट को यासीन मलिक को ऐसी सजा देनी चाहिये जिससे कश्मीर में रहने वाले दूसरे दहशतगर्द लोगों को समझ में आ जाये की कश्मीर की शांति में जो खलल डालेगा उसे जरूर सख्त से सख्त सजा देकर एक नई मिसाल कायब की जायेगी।