यूपी चुनाव में नये समीकरण बना सकता है नया साइलेंट वोटर 

यूपी चुनाव अब अपने अंतिम चरण की तरफ बढ़ चुका है इस दौरान पिछले कई महीनों से प्रदेश में जाति धर्म को लेकर कई बार प्रचार का महौल बनाया गया है। लेकिन इन मुद्दों के बीच एक ऐसा साइलेंट वोटर भी है जिसकी थाह अभी तक कई लोग समझ नहीं पा रहे है और ये वो लोग है जो सीधे सरकार की योजनाओं का फायदा उठा रहे है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का लाभ उठाने वाले यूं तो कुछ बोल नहीं रहे है लेकिन ये तो माना जा रहा है कि ये सरकार बनाने में अहम रोल निभायेगे।

हर प्रचार में पीएम मोदी सीधे करते है इनसे संवाद

वैसे तो ये साइलेट वोटर काफी साइलेट रहते है लेकिन हर चुनाव प्रचार में पीएम सीधे इन लोगों से जुड़े होते है तभी तो वो जब ऑकड़े बताते है तो लोग ये नहीं समझते कि सरकार कितने लोगों तक सीधी मदद पहुंचा रही है और वो भी बिना किसी के जाति धर्म को देखे। जानकारो की माने तो इस बार गरीब कल्याण अन्न योजना जिसके तहत कोरोना काल में लोगों को मुफ्त में अनाज दिया गया, ये खास गुल खिला सकती है। पीएम मोदी ने कई विडियो में इसका जिक्र भी किया है कि महिलाए बोल रही है कि जिस सरकार का नमक खाया है उन्हे वोट जरूर दिया जायेगा।

पिछले चुनाव में उज्जवला योजना ने दिखाया था कमाल

हम ये सिर्फ हवा हवाई बात नहीं कर रहे है। पिछले यूपी चुनाव में सभी को चकित करने वाला नतीजा इसीलिये देखने को मिला था क्योकि उस वक्त देश के सबसे बड़े राज्य में उज्जवला योजना के तहत गरीब घरो में गैस सिलेंडर पहुंच चुका था जिसका असर ये हुआ कि इस योजना को साइलेंट वोटर का दर्जा दिया गया। इसी तरह आवास योजना हो या फिर स्वच्छता योजना के तहत गांव गांव शौचालय, हर जगह इसका लाभ लेने वालों ने दिल खोल कर सरकार के साथ खड़े दिखाई दिए थे।

ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी ये साइलेंट वोटर मोदी जी के साथ खड़े हो सकते है। क्योकि उनको सीधा लाभ आज मोदी सरकार की योजनाओ से मिल रहा है। ऐसे में अगर हम गरीब कल्याण अन्न योजना को इस बार का नया साइलेंट वोटर पुकारे तो गलत ना होगा।