डॉक्टरों पर फेंका पत्थर, तो होगी 7 साल तक की सजा

डॉक्टरों पर फेंका पत्थर, तो होगी 7 साल तक की सजा  

कोरोना संकट से सीधा मोर्चा लेने वाले हमारे कोरोना वीरों यानी डॉक्टरों के साथ आये दिन मारपीट की खबर से आप रूबरू हो रहे होंगे l लेकिन जो जाहिल ऐसी घटना को अंजाम दे रहे थे अब वो सुधर जाएँ क्योंकि सरकार ने उनके खिलाफ सख्त कदम उटाने के लिये 123 साल पुराने कानून में बदलाव करने का फैसला किया है साथ ही एक अध्यादेश भी लाई है जिसके तहत जो लोग ऐसी हरकत करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी l

पत्थरबाजों पर सरकार की नकेल  

सरकार ने नये अध्यादेश में साफ कर दिया है कि जो ऐसी घटना को अंजाम देगा और  डॉक्टरों या नर्सों को काम करने या रोकने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ 50 हजार से 2 लाख के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा 3 महीने से 5 साल की सजा भी हो सकती है। जबकि गंभीर मामलों में 6 महीने 7 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही गाड़ी या क्लीनिक का नुकसान करने पर बाजार रेट से दोगुना नुकसान हमलावारों से वसूल किया जाएगा।  स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला गैरजमानती होगा। मतलब साफ है कि सरकार कोरोना से लड़ने वालों के साथ खड़ी है और उसके हित के लिये काम कर रही है। 

डॉक्टरों ने की थी गृहमंत्री से बात 

इस बाबत गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने डॉक्टरों से बात की थी जिसमें उनपर हो रहे हमले को लेकर सरकार ने चिंता जताई थी और डॉक्टरों को बताया था कि इसके लिये सरकार जल्द ही कुछ ठोस कदम उटाने जा रही है। लेकिन देश में पहली बार देखा गया होगा कि कोई सरकार किसी नतीजे पर इतनी तेजी से बढ़ी हो इसी को तो मोदी सरकार के काम की स्पीड कहते हैं कि वो तुरंत ही मसले का हल निकालते हैं और सख्त कदम उठाते हैं। 

कोरोना वीरों को नहीं होगी दिक्कत 

इसके साथ-साथ कोरोना काल में जो सीधे लोहा ले रहे हैं उनकी हिफाजत के लिए सरकार पूरी तरह से संजीदा है। इसको लेकर भी बताया गया है सरकार की माने तो किसी भी डॉक्टर को रहने खाने या फिर PPE किट की कमी नहीं होने दी जायेगी इसके लिये सरकार जरूरी कदम उठा रही है आज 77 घरेलू कंपनियां पीपीई बना रही हैं। 1 करोड़ 88 लाख पीपीई का ऑर्डर है, 25 लाख एन-95 मास्क उपलब्ध हैं और ढाई करोड़ का ऑर्डर दिया गया है।

मतलब साफ है कि मोदी सरकार ऐसे ही नहीं आज डॉक्टरों को भगवान बता रही है बल्कि उनकी पूजा भी कर रही है। जिसका असर है कि देश की भलाई के लिये ये योध्दा दानव रूपी कोरोना से भी लड़ने में लगे हैं और उसे हरा रहे हैं। लेकिन अब इतना जरूर समझ लें कि अगर इन पर किसी ने हमला किया तो वे केवल जेल ही नहीं जायेंगे बल्कि माली तौर पर भी सजा पाएंगे। ऐसे में अब सोच लो की भलाई किसमें है कोरोना चेक करवाने में या फिर कोर्ट के चक्कर लगाने में …