ह्यूस्टन में होनेवाले ‘हाउडी मोदी’ इवेंट में बनेगा नया इतिहास, पीएम मोदी के साथ ट्रंप करेंगे शिरकत

यूएस में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि ट्रम्प का “हाउडी, मोदी!” इवेंट में शामिल होने का निर्णय “ऐतिहासिक” और “अभूतपूर्व” है और कहा कि “यह दोनों नेताओं के बीच दोस्ती तथा सहयोग के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है, जो भारत और अमेरिका के बीच विकसित हुए हैं।“

Howdy Modi | PC- Google

व्हाइट हाउस ने रविवार को पुष्टि की कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रविवार (22 सितंबर) को टेक्सास के ह्यूस्टन में “हाउडी मोदी!” कार्यक्रम में शिरकत करेंगे । यह पहला मौका होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय समुदाय के ऐसे कार्यक्रम में शामिल होगा, जिसे हमारे प्रधानमंत्री संबोधित करने वाले हैं।

'Howdy Modi' event to be held in Houston

ह्यूस्टन के NRG स्टेडियम में PM मोदी के संबोधन को सुनने के लिए मेगा इवेंट में 50,000 से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इस मेगा इवेंट में 60 से ज्यादा प्रमुख अमेरिकी सांसद शामिल होंगे जिसमें अमेरिकन हिंदू तुलसी गेवार्ड और भारतीय अमेरिकी राजा कृष्णमूर्ति भी होंगे। इस आयोजन की मेजबानी टेक्सास इंडिया फोरम कर रहा है। इस आयोजन का विषय “साझा सपने, उज्ज्वल भविष्य” है और यह 1947 के बाद से अमेरिकी जीवन को समृद्ध बनाने में भारतीयों के योगदान और भारत-अमेरिका संबंधों को बढ़ाने में भारतीयों द्वारा निभाई गई भूमिकाओं को उजागर करेगा।

हाउडी का मतलब होता है, हाउ डू यू डू? (आप कैसे हैं?) के लिए किया जाता है। दक्षिण पश्चिम अमेरिका में अभिवादन के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम ने एक बयान में कहा, ‘‘यह (मोदी-ट्रम्प की साझा रैली होगी) अमेरिका और भारत के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने, दुनिया के सबसे पुराने एवं सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुन: पुष्टि करने और उनकी ऊर्जा तथा व्यापारिक संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा करने का बेहतरीन मौका होगा।’’ यह पहला मौका होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित करेंगे।

पीएम मोदी 21 सितंबर को अमेरिका के लिए रवाना होने वाले हैं और वह पहले ह्यूस्टन की यात्रा करेंगे और फिर अमेरिकी कंपनियों के सीईओ के साथ राउंडटेबल मीटिंग भी करेंगे। इसके बाद मोदी 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेंगे।

ट्रंप के आने की घरेलू वजह

मोदी की मेगा रैली में ट्रंप के पहुंचने की घरेलू वजहें भी हैं। दरअसल, अमेरिका का चौथा सबसे बड़ा शहर होने के साथ ही ह्यूस्टन एनर्जी कैपिटल भी है। 130 करोड़ की आबादी वाला भारत ऊर्जा का बड़ा आयातक देश है और पहले से ह्यूस्टन से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदा जा रहा है। हाल ही में, सऊदी की तेल कंपनी पर ड्रोन हमले के बाद अगर भारत की तेल सप्लाई प्रभावित होती है तो ह्यूस्टन से आपूर्ति बढ़ सकती है।

एक और अहम वजह टेक्सस में होने वाला 2020 का चुनाव है। यहां भारतीय समुदाय की अच्छी-खासी आबादी रहती है। ह्यूस्टन में ही डेढ़ लाख से ज्यादा भारतीय मूल के लोग रहते हैं।

मोदी ने कहा, खास दोस्ती का संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कार्यक्रम में शिरकत करने की पुष्टि होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रतिक्रिया आई है। कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के शामिल होने की पुष्टि होने पर खुशी जताते हुए पीएम मोदी ने ट्वीट किया है और ट्वीट में कहा कि यह अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था के लिए भारतीय समुदाय के योगदान और हमारे संबंधों की ताकत को दर्शाता है। पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच विशेष मित्रता को दर्शाता है।

डोनाल्ड ट्रंप के मोदी की मेगा रैली (“हाउडी मोदी”) कार्यक्रम में शिरकत करने से इस कार्यक्रम की महत्ता और भी बढ़ जाएगी। हालिया इतिहास में यह पहली बार होगा जब दो सबसे बड़े लोकंतत्रों के नेता एक संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे।