चीन की पैतरेबाजी को, भारत ने एक दांव में किया चित

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

चीन की पैतरेबाजी को, भारत ने एक दांव में किया चित 

कोरोना संकट के बीच खुद पीएम मोदी जी ने देश की जनता के सामने बोला था कि वो जान और जहान दोनो को बचाने में कोई कोर कसर नही छोड़ेंगे, इसी के चलते पीएम मोदी ने देश में लॉकडाउन को आगे बढ़ाया, तो दूसरी तरफ आर्थिक पैकेज की घोषणा भी की, लेकिन इस बीच भारत ने एक और बड़ा कदम FDI  को लेकर नये नियम के तहत उठाया है। जिसके बाद चीन तिलमिला उठा है और इसे गलत बता रहा है।

FDI को लेकर नया नियम

नये नियम से पहले जैसे डिफेंस, टेलिकॉम, मीडिया, फार्मास्युटिकल्स और इंश्योरेंस को छोड़ दें, तो FDI  यानी विदेशी निवेश को सरकार की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होती थी। लेकिन नये नियम के तहत अब सीमाएं साझा करने वाले देशों से भारत में निवेश बिना सरकार की मंजूरी के नहीं होगा। जो भारत का अधिकार भी है। लेकिन इसके बाद चीन भारत पर WTO के नियमों को तोड़ने की बात कह रहा है।

वैसे चीन ने किया क्या, जिसके चलते ये नियम बना?

चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने हाउसिंग लोन देने वाली भारत की दिग्गज कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC) के 1.75 करोड़ शेयर खरीदे हैं। लॉकडाउन के बीच एचडीएफसी लिमिटेड के शेयरों में 32.29 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। जनवरी में इसका शेयर करीब 2500 रुपए का था, जो अब 1600 रुपए का हो गया है। इसी बीच मौके का फायदा उठाते हुए चीन ने एचडीएफसी लिमिटेड के बहुत सारे शेयर खरीद लिए हैं।

BSE से मिली जानकारी के मुताबिक इन निवेश के बाद अब एचडीएफसी लिमिटेड में में चीनी केंद्रीय बैंक की हिस्सेदारी 1.01 फीसदी हो गई है। चीन के इसी कदम के बाद भारत सतर्क हुआ है कि कहीं चीन इस तरह से कोई साजिश तो नहीं रच रहा है। जिसके चलते ये कदम उठाया गया है।

ऐसे में चीन की तिलमिलाहट साफ बता रही है कि उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था, जिसे मोदी सरकार ने पहले से ही भांप लिया और नये नियम बनाने से अब चीनी कंपनिया भारत में सरकार के बिना पैर नही पसार सकती हैं। जिससे देश के घरेलू बाजार में बहुत संभावना बढ़ने के कयास लगाये जा रहे हैं। माली हालत तो दुरूस्त होगी साथ ही साथ भारत का सामान विश्व बजार में भी बढ़-चढ़ कर बिकेगा। क्योंकि समूचा विश्व चीन के सामान की गुणवत्ता को बहुत अच्छी तरह से पहचानता है|

आने वाला वक्त भारत का हो सकता है। जिससे मंदी भी कम हो सकती है ऐसे में चीन मुकाबला करने के बजाये विश्व में और पड़ोसी मुल्क को भड़काने में लगा है कि भारत WTO का नियम नही मान रहा है। लेकिन चीन ये समझ ले कि भारत उसके दबाव में आने वाला नही अब भारत वही करेगा, जो उसके के हित में होगा।


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •