देश की आज़ादी के 75वीं वर्षगांठ पर मिलेगा, देश की जनता को नया और भव्य संसद भवन

75th anniversary of the country's independence

वर्तमान का भारत मोदी का डिजिटल भारत है जहाँ हर बिल्डिंग, दफ्तर, पार्क, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज इत्यादि सभी आधुनिकीकरण के दौर में है | सारे सरकारी कार्यालयों के भी आधुनिकीकरण का काम जोर-शोर से चल रहा है | अभी हाल में अपने सुना होगा की देश के सबसे उच्च न्यायालय को भी आधुनिक बनाया गया है | आधुनिकीकरण के इसी क्रम में PM मोदी ने एलान किया है की बहुत जल्द देश के संसद भवन को भी अत्याधुनिक बनाने का काम शुरू किया जायेगा | साल 2022 में पूरा देश आज़ादी के जश्न के साथ संसद भवन के नए अत्याधुनिक रूप को भी देखेगा | संसद के लिए नए भवन का निर्माण सहित वर्तमान संसद भवन को नया स्वरूप प्रदान करने की मांग पर सरकार सोच विचार कर रही है |

क्या कहा PM मोदी ने ?

लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति के संसद भवन के आधुनिकीकरण की मांग की चर्चा PM मोदी ने आवास समिति, लोकसभा के तत्वावधान में नॉर्थ ऐवन्यू डूप्लेक्स फ्लैट्स के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान की | उन्होंने कहा की ‘सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है | संसद भवन का अच्छे तरह से उपयोग किया जाए या कोई और भवन बनाने की जरूरत है, अधिकारी इस पर दिमाग लगा रहे हैं |’ मोदी ने ये भी कहा की हमारी कोशिश रहेगी की देश की आज़ादी के 75वीं वर्षगांठ पर संसद भवन का स्वरुप बिलकुल नया और अनूठा हो जाये | समय कम है लेकिन इस लक्ष्य को पूरा करने की पूरी कोशिश की जाएगी |

क्या थी लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति की मांग ?

भारतीय लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है | और इस लोकतंत्र के संसद भवन के निर्माण को 92 वर्ष पुरे हो चुके है | इस खास मौके पर दोनों लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति वैकेया नायडू ने सरकर के सामने मांग रखी है की विश्व के सबसे बड़े गणराज्य और सबसे विशाल लोकतंत्र का संसद भवन सबसे भव्य और सबसे आकर्षक बने। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि भारत की आजादी के 75 वर्ष 2022 तक पूरे होने पर नवभारत के उनके संकल्प में संसद भवन के विस्तार और आधुनिकीकरण को भी सम्मिलित किया जाए |

दोनों ही अध्यक्षों ने अपनी-अपनी अपील में कहा की देश के बढ़ते लोकतंत्र ने देश के इस धरोहर का मान-सम्मान और उत्तरदायित्व दोनों ही बढाया है | संसद भवन वो जगह है जहाँ पर देश के हित के लिए हर छोटे-बड़े फैसले लिए जाते है | ऐसे में ये हमारा कर्त्तव्य है की दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का संसद भवन भी बेहद आकर्षक और अनूठा होना चाहिए |

खैर मोदी सरकार दोनों अध्यक्षों के इस अपील पर विचार कर रही है | अब तो हमें बस इंतज़ार है साल 2022 का जब हमें हमारा नया पार्लियामेंट यानी कि नया संसद भवन मिलेगा |