न खेलब न खेलबे देब, ऊपर से खेलवे बिगाड़ब

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए पीएम मोदी ने एक बात का जिक्र किया जिसमें उन्होने बोला कि आजकल एक तबका खूब देखने को मिल रहा है जो न खुद खेलते हैं और न ही खेलने देते हैं बल्कि खेल को बिगाड़ने में भी लगे रहते हैं। पीएम का इशारा आप ने भी समझ लिया होगा किस तरफ है लेकिन सवाल तो लाजमी है कि आखिर जब हर सवाल का जवाब मिलना होता है तो वो भाग क्यो खड़े होते है।

प्रधानमंत्री ने बताई वॉक आउट की वजह

आपको याद होगा 2 दिन पहले जब प्रधानमंत्री ने राज्य सभा में भाषण दिया था, तब हंगामा या नारेबाजी नहीं हुई थी। लेकिन लोकसभा में कुछ पार्टी के सांसदों ने कई बार हंगामा किया। ऐसे सांसद कभी चर्चा में हिस्सा लेते है और कभी वो सहूलियत के हिसाब से वॉक आउट भी कर जाते है। आप भी सोच रहे होंगे कि ऐसी कौन सी राजनीति है, जिसके कारण एक दल अलग-अलग समय पर अलग-अलग नजर आती है। प्रधानमंत्री ने खुद लोकसभा में इसका कारण देश को बताया और बोला बीते 6 वर्षों से कुछ लोगो का लोक सभा में इतिहास रहा है कि वो पहले किसी मुद्दे पर जोरदार हंगामा करते है, संसद को ठप कर देते हैं लेकिन जब सरकार इस पर चर्चा करती है, तो जवाब सुनने की जगह वो या तो हंगामा करती है या फिर सदन छोड़कर बाहर चली जाती है। ऐसे लोगों का साफ कहना है कि न वो खेलेंगे न खेलने देंगे और खेल को बिगाड़ के ही दम लेंगे जो हो नहीं पा रहा है तभी वो इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।

राफेल, CAA/NRC और अब किसान बिल

पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए ये भी साफ किया पहले देशवासियों के बीच में विपक्ष ने राफेल को लेकर भ्रम फैलाया गया, वहां दाल नही गली तो फिर CAA/NRC पर सवाल खड़े किये गये लेकिन अफसोस वहां पर भी जनता ने उनका साथ नही दिया तो अब किसान बिल पर वही लोग झूठ बोल बोलकर देश का माहौल खराब कर रहे हैं लेकिन ऐसे लोगो से सावधान रहना पड़ेगा क्योकि ये सरकार का नुकसान कम बल्कि देश का नुकसान ज्यादा कर रहे हैं।

राज्यसभा हो या लोकसभा पीएम के भाषण ने साफ कर दिया है कि किसान बिल पर सरकार का रूख साफ है और वो बिल पर चर्चा कर सकती है संशोधन भी कर सकती है लेकिन किसान के हित के साथ समझौता नही कर सकती है।