फिर बढ़ेगी नौसेना की ताकत, भारत को रूस से मिलेंगे 10 कामोव-31 हेलीकॉप्टर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में देश का रक्षा क्षेत्र नित नए आयामों को चूम रहा है| चाहे वो जलसेना हो, थलसेना हो या फिर बात नौसेना की हो| बीतें पांच साल में रक्षा विभाग को तमाम आधुनिक उपकरण मुहैया कराये गए है| जिसके वजह से तीनो ही सेना के ताकत में पहले से काफी इजाफा हुआ है| अभी कुछ ही महीने बीते है जब अंतरिम बजट पेश करने के दौरान केंद्र सरकार ने रक्षा बजट को रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचाया है|

10_Kamov-31_हेलीकॉप्टर

रक्षा क्षेत्र में कामयाबी की नई इबारत लिखने चली केंद्र सरकार ने शुक्रवार को रूस से 10 कामोव -31 हेलीकॉप्टनरों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन हेलीकॉप्टारों का इस्तेरमाल पूर्व चेतावनी तंत्र (airborne early warning) में किया जाएगा। भारतीय नौसेना ने अपने जहाजों को हवाई खतरों से बचाने के लिए इन हेलीकॉप्टतरों की खरीद का प्रस्ताव रखा था। जिसे आख़िरकार मंजूरी मिल गया|

आपको बता दें कि भारतीय नौसेना के बेड़े में पहले से ही 12 Kamov-31 हेलीकॉप्टोर मौजूद हैं, जो समुद्र में लड़ाकू विमान वाहक जहाजों की रक्षा करने में काफी मददगार साबित होता है। इस प्रोजेक्ट से जुडी ख़ास बात यह है कि लोकसभा चुनावों के बावजूद नरेंद्र मोदी सरकार सेना के आधुनिकीकरण योजनाओं को प्रभावित नहीं होने दे रही है। उधर सेनाओं के लिए रक्षा अधिग्रहण के सिलसिले में डिफेंस एक्विजीशन काउंसिल और सुरक्ष को लेकर कैबिनेट कमेटी की बैठकें लगातार हो रही हैं। इससे पहले भारत ने हाल ही में 16 एंटी-सबमरीन का सौदा भी किया है। जो नौसेना को मजबूती देने में बेहद ही कारगार है|

10 कामोव -31 हेलीकॉप्टसर बाकी चॉपरों की तुलना में बेहद हल्का है| और नियंत्रण करने में भी बेहद आसान हैं। इस हेलीकाप्टर की मदद से दुश्मन के वारहेड को तबाह करना भी काफी आसान है। इतना ही नहीं ये हेलीकॉप्ट र पनडुब्बी रोधी युद्ध में भी कारगर हैं। इसके अलावा इन हेलीकॉप्टेरों के सहारे भारतीय नौसेना के लिए रियल टाइम नेटवर्क केंद्रित युद्ध में बेजोड़ महारत हासिल है।

दरअसल बात यह है कि भारतीय सेना अपने कैडर में कामोव हेलीकॉप्टरों की तैनाती इस वजह से चाहता है| क्योंकि, भारतीय सेना में चीता और चेतक हेलीकॉप्टर पुराने पर गए है| यही वजह है की साल 2015 के दिसंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस के दौरे के समय दोनों सरकारों के बीच Kamov-31 हेलीकॉप्टरों की खरीद को लेकर समझौता हुआ था। तब भारतीय सेना ने इसमें जरूरत के लिहाज से काफी बदलाव भी किया था| आपको बता दें कि दो Klimov TV3-117VMAR टर्बोशाफ्ट इंजनों से लैस इस हेलीकॉप्टलर पर अर्ली वॉर्निंग रडार एंटीना भी लगा होता है| जो दुश्मनों के आवाजाही पर पूरी तरह से नजर बनाये रखता है| और ऐसे किसी भी परिस्थिति में तुरंत कमांड भेजता है|