अब चीन-पाक सीमा पर सुरंग बनाएगा भारत, हमले से सुरक्षित रहने में मिलेगी मदद

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

india-pakistan-kashmir_

भारत अब अपनी सीमाओं की सुरक्षा को और पुख्‍ता करने जा रहा है| बॉर्डर पर सेना के ऑपरेशन को मजबूती देने के लिए भारत ने मेगा प्लान तैयार किया है। तैयारी इस कदर की जा रही है कि भारतीय सेना का बॉर्डर पर मनोबल काफी ऊंचा रहेगा क्योंकि उसे अब खराब मौसम में भी हथियार और गोला बारूद सप्लाई को लेकर टेंशन नहीं होगी|

दरअसल, हाल के दिनों में बढ़े बॉर्डर पर खतरे को देखते हुए भारत पाकिस्तान और चीन की सीमा पर पहाड़ों के अंदर गोला-बारूद के जखीरे रखने के लिए चार बड़़ी सुरंगें बनाने जा रहा है| जिसमे तीन सुरंगे भारत-चीन बॉर्डर पर और एक सुरंग भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बनाई जाएगी। बनने वाला हर सुरंग में 2 लाख किलो गोला बारूद तक स्टोर हो सकेगा| और ये सभी सुरंगे दो साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएँगी|

इन चारों सुरंगों का निर्माण भारतीय सेना के ऑपरेशन की तैयारियों के तहत किया जा रहा है जिससे सेना तक हथियार और गोला बारूद पहुंचाने में आसानी होगी। यानी जब भी जरूरत होगी भारतीय सेना दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहेगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि भारत-चीन बॉर्डर पर जिन तीन टनल को बनाने की योजना है वो सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के तवांग में बनाई जाएगी। मौसम की वजह से इन इलाकों में सेना के कई पोस्ट का संपर्क करीब छह महीने तक अपने हेडक्वार्टर से टूट जाता है। ऐसे में ये सुरंग ऑल वेदर रोड के साथ सेना के फॉर्वर्ड लोकेशन तक जरूरी सैन्य सामान पहुंचाने में बेहद कारगर साबित होगी।

असल में अगर ये तैयार हो जाता है तो फिर पाक बॉर्डर तक भी बारहों महीने ऐसी सप्लाई की जा सकेगी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए भारतीय सेना और NHPC के बीच MoU पर दस्तखत होने जा रहा है। भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑपरेशन एंड लॉजिस्टिक और NHPC के डायरेक्टर इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इन सुरंगों को बनाए जाने के प्रोजेक्ट की लागत करीब पंद्रह सौ करोड़़ रुपए आने की सम्भावना है|

दरअसल चीन भारत से सटे अपनी सरहदों में पहले ही कई सारी सुरंगें बना चुका है। हाल ही में हुए आर्मी कमांडर कॉन्फ़्रेन्स में भारत में भी इस तरह की सुरंगों को बनाने की योजना पर मुहर लगाई गई थी और अब NHPC के साथ मिलकर इसको अमलीजामा पहनाने की तैयारी है| जाहिर सी बात है कि इन सुरंगों के बनने से भारतीय सेना की तैयारी को और ताकत मिलेगी। चूँकि, सेना को सबसे ज़्यादा खतरा गोला बारूद के भंडारो पर हमले से होता है| और युद्ध के समय ये दुश्मन के सबसे पहले हमलों का निशाना होते हैं| ऐसे में इन सुरंगो में रखा लाखो किलो गोला बारूद न तो ज़मीनी हमले से तबाह किया जा सकेगा और न ही हवाई हमले से|


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •