नासा ने बेजान पड़े विक्रम लैंडर को भेजा हैलो मैसेज

NASA sent hello message

चंद्रयान-2 (chandrayaan 2) मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है। इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों लैंडर विक्रम को खड़ा करने की अपनी कोशिशों में लगे हुए है । अब इस अभियान में दुनिया का सबसे बड़ा स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन नासा (NASA) भी जुट गया है। एक अखबार के मुताबिक भारत के इसरो के अलावा अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के डीप स्पेस एंटीना से भी चंद्रमा की सतह पर बेजान पड़े विक्रम लैंडर से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। नासा ने विक्रम को हैलो मैसेज भेजा है। आपको ज्ञात होगा कि सात सितंबर को विक्रम लैंडर का संपर्क चंद्रमा की सतह से महज 2.1 किमी दूरी पर इसरो के साथ टूट गया था। चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम इसरो के प्लान के मुताबिक सॉफ्ट लैंडिंग नहीं कर सका और स्पेस एजेंसी इसरो से इसका संपर्क टूट गया था, हालांकि बाद में ऑर्बिटर की मदद से विक्रम लैंडर की लोकेशन का पता लग चुका है और इसरो उससे संपर्क साधने की पूरी कोशिश में जुड़ा हुआ है ।

नासा के हैलो मैसेज का अभी तक लैंडर विक्रम की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। नासा के जेट प्रपल्शन लैबोरेट्री ने विक्रम के साथ संपर्क करने की कोशिश में एक रेडियो फ्रीक्वेंसी भेजी है। नासा में एक सूत्र ने बताया कि नासा कैलिफोर्निया में स्थित अपने डीप स्पेस नेटवर्क के जरिये विक्रम लैंडर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। एक अन्य एस्ट्रोनॉट स्कॉट टिले ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया- डीप स्पेस नेटवर्क ने 12 किलोवॉट की रेडियो फ्रीक्वेंसी को भेजा है, ताकि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का धरती से कम्युनिकेशन शुरू हो सके।

विक्रम के बचाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है लेकिन इसरो के पास अब सिर्फ 9 दिन का समय शेष बचा है, अपनी हर कोशिश को अंजाम में तब्दील करने के लिए क्योंकि 21 सितंबर के बाद इससे संपर्क करने की उम्मीद लगभग खत्म हो जाएगी । इसके बाद ‘लूनर नाइट’ की शुरुआत हो जाएगी, जिससे हालात एकदम से बदल जाएंगे क्योंकि चांद की सतह बहुत ज्यादा ठंडी है, साउथ पोल में तो तापमान माइनस में पहुंच जाता है, तब इसके सोलर पैनल को अगले 14 दिनों तक कोई भी ऊर्जा नहीं मिलेगी।

गौरतलब है की इससे पहले नासा ने भारतीय वैज्ञानिकों की तारीफ की थी, नासा की ओर से ट्वीट करके कहा गया था कि अंतरिक्ष काफी मुश्किल है। हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इसरो के चंद्रयान-2 मिशन को उतारने प्रयास की तारीफ करते हैं। आप ने हम सभी को अपनी इस यात्रा से प्रेरित किया है और भविष्य में सोलर सिस्टम पर संभावनाओं की तलाश साथ मिलकर करने की उम्मीद रखते हैं।