ननकाना साहिब घटना के बाद तो CAA का विरोध करने वालों आंखे खोलो

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CAA पर हर रोज हल्ला मचाने वाले और इस कानून को क्यो लाया गया है, ऐसे सवाल पूछने वालों के सामने सच खुद ब खुद सामने निकलकर आ गया है कि आखिर इस कानून की जरूरत क्यों थी। पाकिस्तान में जिस तरह से कल ननकाना साहिब में सैकड़ों की भीड़ ने सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थल पर पत्थरबाजी की उससे साफ हो गया है, कि पाक में किस तरह से हिंदू धर्म और दूसरे धर्म के अल्पसंख्यक लोगों का जीना मुश्किल है।ऐसे में मोदी सरकार ने CAA कानून लागू करके सच में बहुत अच्छा फैसला किया है।

पाक का असल चेहरा सामने आया

पाकिस्तान में हिंदू और सिखों के साथ किस तरह का बरताव होता है, उसकी एक बानगी ननकाना साहिब में हुए पत्थरबाजी से साफ हो गया है। सैकड़ों की भीड़ ने गुरूद्वारे में आये भक्तों पर पत्थर और दूसरे हथियारो से हमला किया। आलम ये था कि गुरूद्वारा में पहुंचे लोग अपनी जान बचाने के लिये इधर उधर छुपते दिखाई दिये, इस बीच सबसे बड़ी बात ये थी, कि इस दौरान न कोई पुलिस और न ही सरकारी अमला वहा उपद्रवियों को रोकने के लिये आगे आ रहा था। जिससे साफ हो रहा था, कि ये सब सरकार के इसारे से ही हो रहा हो। इस दौरान कट्टरपंथी सिखों को ननकाना साहिब से भगाने और इस शहर का नाम बदलकर गुलाम अली मुस्तफा करने की धमकी देते दिख रहे थे। यानी चारो तरफ सिर्फ दहशत का माहौल था लेकिन इमरान प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा था।

तो वही पाक के पीएम इमरान अपने ट्वीटर से भारत में मुस्लिमों पर जुल्म होने वाले फेक फोटो डाल रहे थे। हालाकि जब समूचे विश्व में उनकी चोरी पकड़ी गई। तो उन्हे अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होने इन फोटो को हटा लिया। लेकिन ननकाना साहिब घटना पर इमरान और उनकी टीम अभी भी सिर्फ झूठ बोलते ही दिखाई दे रहे है।

पहली बार ननकाना साहिब में रद्द हुआ भजन-कीर्तन

ननकाना साहिब गुरूद्वारा जो समूचे विश्व में अमन और शांति के साथ जीने का रास्ता बतलाता है, हर धर्म एक समान है और इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नही है का ज्ञान देने वाला ये गुरूद्वारा में आज लोग दहशत में है। जिसके चलते वहा भजन-कीर्तन इतिहास में पहली बार रोका गया। गौरतलब है कि गुरु गोविंद सिंह जी के गुरुपरब के मौके पर अखंड पाठ शुरू होने वाला था जिसे भी रोकना पड़ा।

CAA पर प्रदर्शन करने वालों से सवाल

ननकाना साहिब में हुए हमले के बाद अब सवाल देश के उन दरबारी मीडिया और सियासी पंडितों या फिर उन फिल्मी कलाकारों से सवाल है, कि क्या इसके बाद भी वो CAA  में कोई न कोई दोष निकालते रहेगे या फिर इस कानून को समझ कर उन लोगों के दर्द को भी समझेगे तो पाकिस्तान में हर रोज ननकाना साहिब जैसे हादसों के शिकार होते है। आज उन लोगों से एक सवाल ये भी है, कि आखिर उन्हे पता है कि इतना बड़ा हंगामा क्यो किया गया था, चलिये हम बता ही देते है, इतना बड़ा हंगामा इस लिये किया गया था, क्योकि एक सिख लड़की को जबरन उठा ले जाने वाले को तुरंत छोड़ा जाये। शायद CAA का विरोध करने वाले अब इसका जवाब देने में कतराये लेकिन उन्हे अपनी आत्मा से ये जरूर पूछना चाहिये, कि क्या वो अफवाह फैलाकर देश के साथ गलत तो नही कर रहे है। और अगर कर रहे है, तो तुरंत सियासत छोड़कर लोगों को समझाये कि CAA देशहित में है। तो वही पाक को ये समझाये कि वो इस तरह की हरकत न करे वरना भारत में मोदी सरकार है जो अब गलतियों को बिलकुल नजरअंदाज नही करती है,ठीक वक्त पर ऐसा जवाब देती है कि फिर होश ही उड़ जाते है।


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