नमो की छोटी सोच का बड़ा कमाल

कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। बिलकुल बस मन के साथ कोई भी काम किया जाये तो वो जरूर सफलता के नए आयाम छूते हैं। कुछ ऐसा ही कोरोना काल में भारत में देखने को मिल रहा है। पीएम मोदी ने इस आपदा को अवसर में बदलने का ऐलान क्या किया, आज देश उनके साथ मिलकर वो काम कर रहा है जिसे किसी ने सोचा भी न था।

25 फीसदी बढ़ा घरेलू खिलौना कारोबार

वैसे ये सब जानते है कि चीन खिलौना कारोबार का एक बड़ा देश है औऱ दूर दूर तक इस सेक्टर में कोई उसे छू भी नही पा रहा है। ऐसे में पीएम मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लोगों से इस कारोबार को बढ़ाने की क्या अपील की महज कुछ दिनो में ही देश के खिलौना कारोबार में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। यहां आपको ये बता दे कि अभी देश में खिलौना कारोबार 16 हजार करोड़ का है जिसमे 12 हजार करोड रूपये का कारोबार चीन से किया जाता है। इतना ही नही खिलौना कारोबार को लेकर यूपी में एक ग्रेटर नोएडा के पास टॉय पार्क भी बनाया जा रहा है। जिसमें देश के अलग अलग इलाके की कंपनियों को दुकाने दी जाएगी। कयास लगाया जा रहा है कि ये 2021 के अंत तक तैयार हो जाएगा। लेकिन इससे पहले देशी खिलौनों की मांग बढ़ना देश के लिए एक शुभ संकेत है। इसके साथ सस्ते खिलौने बाजार में लाने के लिए भी खिलौना कारोबार नये नये तरीके खोज रहे है। अभी भारत में असंगठित क्षेत्र में 400 कंपनियां खिलौने बनाने के लिए जानी जाती है। लेकिन जिस तरह से इस कारोबार को घर घर तक खोलने की तैयारी मोदी सरकार के दिमाग में है उससे यही लगता है कि जल्द ही भारत खिलौने का निर्यात करने वाला देश बन जायेंगा।

देश को नई तरफ ले जाते नमो

ये तो अब जग जाहिर हो गया है कि पीएम मोदी की सोच ऐसी सोच होती है, जिसपर किसी ने सोचा ही नही या यूं कहे कि पीएम मोदी वो सोचते है जिसपर कोई ध्यान नही देता और शायद इसीलिये मोदी जी दूसरे नेताओं से बिलकुल जुदा है। मसलन खिलौना कारोबार को ही ले लीजिए। जब मन की बात में मोदी जी ने इसका जिक्र किया, तो कई लोगो ने मजाक बनाया। लेकिन आज जब एक अपील से इससे कारोबार में 25 फीसदी का इजाफा दिख रहा है। तो लग रहा है कि मोदी जी ने ठीक बोला कुछ स्वच्छता अभियान, उज्जवला अभियान या फिर दूसरी योजनाओ को लेकर जब मोदी जी बोलते थे तो भी लोग मजाक बनाते थे, लेकिन जब इससे फायदा होने लगा तो अब मोदी जी का गुणगान गाते है। इससे ये पता चलता है कि मोदी जी सच में देश की जड़ों से जुड़े है और उससे ही देशवासियों को जुड़ने में लगी है वो तब जब सारी दुनिया कोरोना से ग्रस्त है, क्योकि मोदी जी ये समझ चुके है। कोरोना ने सभी देशों को एक कतार में खड़ा कर दिया है, इसमें जो अब तेज दौड़ेगा वो आगे निकलेगा। इसी लिए वो देश को हर सेक्टर में तेजी से दौड़ने के लिए समय समय पर जोर दे रहे है। देश के 130 करोड भारतीय हर बार उनके साथ खड़े होकर उनके भरोसे पर खरा भी उतर रहे है जिससे देश लगातार आत्मनिर्भर बनने के लिए बढ़ चला है।

 

ये पहला मौका नही है जब पीएम ने जनता से कुछ नया करने को बोला है। कोरोना आपदा में अवसर खोजकर आगे बढ़ने की राह हमारे प्रधानसेवक लगातार दे रहे है और सबसे बड़ी बात वो सिर्फ आगे बढ़ने के उपदेश नही देते बल्कि आगे बढ़ने के लिए सरकारी मदद भी देते है। फिर वो बैंक के जरिए हो या फिर माल को खरीदने के लिये योजना हो, हर तरह से देश के लोगो की मदद करते है जिसके चलते देश की तस्वीर बदल रही है।